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Motor types ( मोटर कितने प्रकार का होता है ) types of motor in hindi

Motor types ( मोटर कितने प्रकार का होता है ) types of motor in hindi नमस्कार दोस्तों आज हम जानेंगे मोटर के प्रकार के बारे में यानी कि types ...

Motor types ( मोटर कितने प्रकार का होता है ) types of motor in hindi



नमस्कार दोस्तों आज हम जानेंगे मोटर के प्रकार के बारे में यानी कि types of motor के बारे में क्योंकि इस बारे में अक्सर इलेक्ट्रिकल के जो स्टूडेंट होते हैं बहुत ही ज्यादा कंफ्यूज होते हैं और यह क्वेश्चन सबसे ज्यादा इंटरव्यू में या फिर खासतौर पर किसी भी अनजान व्यक्ति से पूछे जाने वाला प्रश्न होता है मोटर के प्रकार तो दोस्तों आज इसी पोस्ट में जानेंगे की मोटर कितने प्रकार का होता है और कौन सा मोटर कहां पर यूज किया जाता है।


Types of motor in Hindi ( मोटर के प्रकार )


अगर कभी भी कोई आपसे पूछें मोटर कितने प्रकार के होते हैं तो आप बताइएगा की मोटर हमेशा विद्युत सप्लाई पर डिपेंड करता है यानी कि मोटर मुख्यतः तीन प्रकार का होता है।
जैसे 

. एसी मोटर
. डीसी मोटर
. और कुछ इस तरह के मोटर होते हैं जो ऐसी सप्लाई तथा डीसी सप्लाई दोनों पर कार्य करते हैं जिन्हें हम स्पेशल मोटर के नाम से भी जानते हैं।


AC motor


मोटरों के प्रकार में अगर बात किया जाए AC motor के बारे में तो यह मुख्यता दो प्रकार के मोटर होते हैं।
. सिंगल फेज एसी मोटर
. थ्री फेज एसी मोटर

सिंगल फेज एसी मोटर के प्रकार


सिंगल फेज एसी मोटर की बात किया जाए तो या निम्नलिखित प्रकार के होते हैं जैसे
सिंगल फेज स्प्लिट एसी मोटर, कैपेसिटर स्टार्ट मोटर, कैपेसिटर स्टार्ट कैपेसिटर रन मोटर, परमानेंट कैपेसिटर स्पीलट एसी मोटर, शेडेड पोल इंडक्शन मोटर, 

सिंगल फेज स्प्लिट एसी मोटर


अगर बात किया जाए स्प्लिट-फेज इंडक्शन मोटर के बारे में तो इससे एक और नाम से जाना जाता है जिसे  रेजिस्टेंस-स्टार्ट मोटर कहते हैं इसमें सिंगल-केज रोटर होता है, और इसके स्टेटर में दो वाइंडिंग होते हैं  मेन वाइंडिंग और एक स्टार्टिंग वाइंडिंग। होता है अरे दोनों बाइंडिंग डबल फेज इंडक्शन मोटर में वाइंडिंग 90 अंश पर स्थित होता है ताकी  इंडक्शन मोटर की मुख्य वाइंडिंग में बहुत कम प्रतिरोध और उच्च प्रेरक प्रतिक्रिया होती है।
अगर बात किया जाए इस मोटर का उपयोग के बारे में तो इस मोटर का उपयोग वाशिंग मशीन, ब्लोअर, सेंट्रीफ्यूज पंप, ग्राइंडर इत्यादि में प्रयोग किया जाता है।


कैपेसिटर स्टार्ट मोटर


यह मोटर बहुत ही ज्यादा हाई स्टार्टिंग टॉर्क वाला मोटर होता है यह और मोटरों से तुलना किया जाए तो इसका स्टार्टिंग टार्क 3 से 4 गुना ज्यादा रहता है और इतना स्टार्टिंग टार्क प्राप्त करने के लिए इसमें कैपेसिटी प्रयोग किया जाता है अगर कैपेसिटर माइक्रो फेवरेट की बात किया जाए तो 240 माइक्रो फैरड के कैपेसिटर का प्रयोग किया जाता है ताकि इस मौके से स्टार्टिंग टॉर्क ज्यादा मिल सके और लो रजिस्टेंस पाथ प्रोवाइड कर सकें।
अगर बात किया जाए इस मोटर के उपयोग के बारे में तो इस मोटर का उपयोग जहां पर बहुत अधिक स्टार्टिंग लोड हो और इसे तुरंत स्टार्ट करने की आवश्यकता हो तो वहां पर इस मोटर का प्रयोग अधिकतम किया जाता है।
जैसे कंप्रेसर, रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर, इत्यादि में प्रयोग किया जाता है।


कैपेसिटर स्टार्ट कैपेसिटर रन मोटर


इस मोटर में सिंगल केज होते हैं तथा इसमें दो कैपेसिटी उपयोग किए जाते हैं एक स्टार्टिंग कैपेसिटर होता है एक रनिंग कैपेसिटर होता है और यह दोनों कैपिटल आपस में पैरेलल कनेक्ट होते हैं ताकि 90 डिग्री का कोण बना सके। और बात किया जाए इस मोटर के उपयोग के बारे में तो यह मोटर पंप इत्यादि में प्रयोग किया जाता है।


शेडेड पोल इंडक्शन मोटर


शेडेड पोल इंडक्शन मोटर सेल्फ स्टार्टिंग मोटर होता है जो लो स्टार्टिंग टार्क मोटर के जगह पर उपयोग किए जाने वाला मोटर है जो कि इसका प्रयोग अधिकतम स्माल डिवाइस में किया जाता है जैसे टेबल फैन छोटे एग्जास्ट फैन टॉयज इत्यादि में प्रयोग किया जाता है।


थ्री फेज एसी मोटर


यह मोटर मुख्यतः दो प्रकार का होता है जैसे

. असिंक्रोनस मोटर यानी कि इंडक्शन मोटर
. सिंक्रोनस मोटर


असिंक्रोनस मोटर यानी कि इंडक्शन मोटर


अगर बात किया जाए थ्री फेज एसी मोटर में तो सबसे अधिक उपयोग होने वाला अगर कोई मोटर है अपने देश के औद्योगिक क्षेत्रों में तो यह थ्री फेज इंडक्शन मोटर ही होता है क्योंकि इस तरह का मोटर का मेंटेनेंस कॉस्ट बहुत कम होता है तथा इसके साथ साथ और इस तरह के मोटर स्टार्टिंग करने में बहुत ही कम प्रॉब्लम होता है यानी कि आसानी से स्टार्ट किया जा सकता है बात किया जाए थ्री फेज इंडक्शन मोटर के प्रकार के बारे में तो यह भी मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं।

. स्क्विरल केज इंडक्शन मोटर
. स्लिप रिंग इंडक्शन मोटर


यह दोनों मोटर की बनावट और कार्यप्रणाली थोड़ा अलग रहता है अगर बात किया जाए स्क्विरल केज इंडक्शन मोटर तो यह मोटर बहुत ज्यादा उपयोग किए जाने वाला मोटर है तथा इस मोटर का प्रयोग अधिकतर इसलिए किया जाता है क्योंकि इस मोटर के स्पीड इत्यादि को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है वेरिएबल फ्रिकवेंसी ड्राइव के द्वारा और बात किया जाए स्लिप रिंग इंडक्शन मोटर के बारे में उस स्लिप रिंग इंडक्शन मोटर का प्रयोग इस समय बहुत कम होता है इस मोटर का प्रयोग यहां पर बहुत ही ज्यादा स्टार्टिंग टॉर्क की आवश्यकता है वहां पर स्टार्ट किया जाता है इसके अंदर उपयोग होने वाले रोटर और स्टेटर दोनों को अलग-अलग सप्लाई से कनेक्ट किया जाता है और उसके रोटर को जो सप्लाई दिया जाता है वाह कार्बन ब्रश की मदद से सप्लाई के साथ कनेक्ट किया जाता है और इसके कनेक्शन की बात किया जाए तो स्लिप रिंग इंडक्शन मोटर का रोटर हमेशा स्टार में कनेक्ट होता है तथा स्टेटर में डेल्टा में कनेक्ट किया जाता है और जब मोटर 70 से 80 पर सेंट लोड पर आ जाता है तो रजिस्टेंस बॉक्सर कांटेक्ट की मदद से रोटर से सप्लाई डिस्कनेक्ट हो जाता है और मोटर स्मूथली स्टेटर के सप्लाई से चलता रहता है।


सिंक्रोनस मोटर


यह मोटर सिंक्रोनस स्पीड से चलने वाला मोटर होता है यह मोटर की खासियत यह होती है कि मोटर के लोड के बढ़ने और घटने पर मोटर की स्पीड पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ता है इस मोटर का उपयोग ट्रेन इत्यादि में प्रयोग किया जाता है जहां पर बहुत ही ज्यादा अधिक स्टार्टिंग टार्क कि  आवसकता है लेकिन इस मोटर का प्रयोग औद्योगिक क्षेत्रों में नहीं किया जाता है क्योंकि इस प्रकार का मोटर का मेंटेनेंस कास्ट बहुत ही अधिक होता है तथा यह मोटर सेल्फ स्टार्ट नहीं होता है यानी कि इसे एक्सटर्नल विद्युत सप्लाई की आवश्यकता पड़ती है मोटर को स्टार्ट करने के लिए।


डीसी मोटर


डीसी मोटर मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं


. सीरीज मोटर
. शंट मोटर
. कंपाउंड मोटर

सीरीज मोटर


यह मोटर अधिक स्टार्टिंग टॉर्क वाले जगहों पर उपयोग किया जाता है इस मोटर पर अगर लोड बढ़ता है तो इस मोटर का स्पीड स्वता ही कम होने लगता है और इस मोटर की वाइंडिंग का बात किया जाए तो इस मोटर का वाइंडिंग मोटे तार तथा कम नंबर ऑफ टर्न के बने होते हैं।

शंट मोटर 


इस मोटर का प्रयोग वहां पर किया जाता है जहां पर स्पीड घटता बढ़ता रहता है और इस मोटर पर लोड बढ़ने से किसी भी प्रकार का स्पीड पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ता है और इस मोटर का वाइंडिंग का बात किया जाए तो यह मोटर पतले ताल तथा अधिक नंबर ऑफ टर्न के बनाए जाते हैं।


कंपाउंड मोटर 


यह मोटर डीसी सीरीज मोटर तथा डीसी शंट मोटर का ही एक रूप होता है यह दो प्रकार के होते हैं शॉर्ट्  शन्ट कंपाउंड मोटर लॉन्ग सन्ट कंपाउंड मोटर।


स्पेशल मोटर


यह मोटर भी बहुत से प्रकार के होते हैं जैसे
. यूनिवर्सल मोटर
. स्टेपर मोटर
. ब्रशलैस डीसी मोटर
. सर्वो मोटर

यूनिवर्सल मोटर 


यह मोटर उच्च स्टार्टिंग टार्क उच्च गति वाला तथा छोटे उपकरण में उपयोग होने वाला मोटर होता है यह मोटर पोर्टेबल टूल्स में अधिकतर उपयोग किया जाता है यह मोटर एसी और डीसी दोनों सप्लाई है यूज करने के लिए डिजाइन किया जा सकता है इस मोटर का प्रयोग मुक्ता उपयोग होने वाले टूल्स के बारे में अगर बात करें तो ड्रिल मशीन, हेयर ड्रायर मशीन, ब्लोअर, तथा रसोई में प्रयोग होने वाले ग्राइंडिंग मशीन इत्यादि में उपयोग किया जाता है।


स्टेपर मोटर


यह मोटर का प्रयोग बहुत ही निम्न कोटि है उपकरण के लिए किया जाता है जैसे रोबोटिक में कंप्यूटर से ऑपरेट होने वाली मशीनों में छोटे छोटे खिलौनों इत्यादि में प्रयोग किया जाता है यह मोटर आसानी से मार्केट में उपलब्ध हो जाते हैं तथा या बहुत ही कम प्राइज के मिलते हैं।


ब्रशलैस डीसी मोटर


इस मोटर का प्रयोग इत्यादि में लगे हुए पंखों में किया जाता है यह मोटर दिखने में डीसी मोटर जैसा होता है लेकिन इस मोटर में ब्रश का उपयोग नहीं किया जाता है अगर आप कभी ट्रेन से यात्रा किए होंगे तो उसमें लगा हुआ फैन जो रहता है वह ब्रशलैस डीसी मोटर होता है।



तो दोस्तों मैं आशा करता हूं types of motor यानी कि मोटरों के प्रकार के इस छोटे से पोस्ट को पढ़ करके आपके बहुत सारे प्रश्नों के उत्तर मिल गए होंगे अगर आपको लगता है इस पोस्ट में कुछ कमी है या फिर इस पोस्ट के लिए आपको किसी भी प्रकार का सलाह या फिर सुझाव देने की आवश्यकता है तो आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं तथा इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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