MPCB क्या है। MPCB full form || MPCB working principle in hindi || used of MPCB नमस्कार साथियो आज इस पोस्ट में हम जानेंगे कि MPCB क्या है। औ...
MPCB क्या है। MPCB full form || MPCB working principle in hindi || used of MPCB
नमस्कार साथियो आज इस पोस्ट में हम जानेंगे कि MPCB क्या है। और MPCB full form क्या है इसके साथ MPCB working principle क्या है और MPCB
का use (उपयोग ) कहा किया जाता है। और इसके साथ साथ MPCB के advantage and disadvantage के बारे में जानेगे
MPCB क्या है
MPCB एक प्रकार का सर्किट ब्रेकर होता है इसके पूरे नाम की बात किया जाए अर्थात MPCB full form तो motor protection circuit breaker होता जैसा कि इसके नाम से हमें पता चलता है यह सर्किट को ब्रेक करने तथा चालू करने के लिए उपयोग किया जाता है इसके साथ-साथ यह मोटर को सुरक्षा भी प्रदान करता है कुल मिला जुला कर यह एक सर्किट ब्रेकर होता है जो मोटर की सुरक्षा के लिए तथा मोटर को चालू बंद करने के साथ-साथ मोटर का शॉर्ट सर्किट मोटर पे अधिक करंट तथा फेज मिशीग के केस में स्वतः अपने आप को बंद कर लेता है।
हालाकी MPCB तथा MCB में ज्यादा कोई अंतर नहीं होता है जिस तरह से MCB का उपयोग शॉर्ट सर्किट सुरक्षा ओवरलोड तथा इसके साथ साथ अर्थ फाल्ट के कंडीशन में या अपने आप को स्वतः बंद कर लेता है ठीक इसी प्रकार से MPCBभी अपने आप को बंद कर लेता है लेकिन इन दोनों में एक खास अंतर यह होता है कि यह फेज मिसिंग के केस में अर्थात जब कभी भी हम मोटर को तीन फेस विद्युत सप्लाई के साथ जोड़कर चलाते हैं तो मोटर में अगर किसी कारणवश विद्युत सप्लाई एक फेज नहीं जाता है अर्थात सिर्फ दो फेज से मोटर चलने लगता है उस समय मोटर जलने की संभावना आ जाता है इस चीज को देखते हुए अगर MPCB का प्रयोग आप सर्किट में करते हैं यह अपने आप को तुरंत बंद कर लेगा जो MCB नहीं कर सकता है।
MPCB working principle in hindi
MPCB working principle कि अगर बात किया जाए तो मजा अलग अलग स्थिति को देखते हुए अलग-अलग तरीके से कार्य करता है जैसे
Over load
जिस तरह से थर्मल ओवरलोड रिले कार्य करता है ठीक उसी प्रकार से मोटर प्रोटेक्सन सर्किट ब्रेकर भी काम करता है ओवरलोड के कंडीशन में यानी कि जब मोटर के अंदर मोटर के रेटेड करंट से हाई करंट हो जाता है तो MPCB के अंदर लगा बाई मैटेलिक स्ट्रिप सिकुड़ने लगता है और वह अपने आउटपुट टर्मिनल पर लगे स्ट्रिप से अलग हो जाता है और ऐसे कंडीशन में MPCB ट्रिप मार देता है।
Short circuit condition में
जब कभी भी इलेक्ट्रिकल सर्किट में शॉर्ट सर्किट होता है इस दरमियान में MPCB के अंदर लगा हुआ करंट ट्रांसफॉर्मर सर्किट के सीरीज में लगा होने के कारण जैसे ही मेन कांटेक्ट से अधिक करंट प्रवाहित होगा तो करंट ट्रांसफॉर्मर तुरंत अधिक करंट को डिटेक्ट कर लेगा और उसका जितना रेटेड करंट है अगर उससे अधिक करंट होने लगा तो यह स्वतः ही सर्किट को ट्रीप कर देगा लेकिन यह प्रोटेक्शन लेटेस्ट एडवांस MPCB मे होता है क्योंकि पुराने वाले इस ब्रेकर में करंट ट्रांसफॉर्मर नहीं रहता था जिसके कारण शॉर्ट सर्किट प्रोटेक्शन के लिए इसका उपयोग नहीं किया जाता था।
अनबैलेंस कंडीशन या फेज मिसिंग
अनबैलेंस कंडीशन वह कंडीशन होता है जब किसी मोटर को हम क्लैंप मीटर के द्वारा या फिर करंट ट्रांसफॉर्मर के द्वारा करंट को मेजर करते हैं और जब हमें तीनों पेज में इक्वल करंट नहीं मिलता है तो हम समझ जाते हैं कि इस समय अनबैलेंस कंडीशन में है इसका मेन वजह सिर्फ या हो सकता है जब मोटर को थ्री फेज सप्लाई से जोड़ा जाता है किसी कारणवश जब 1 फेज सप्लाई टूट जाता है यानी कि ब्रेक हो जाता है तो मोटर डबल फेज में चलने के कारण मोटर के करंट बैलेंस कंडीशन में हो जाते हैं और इस कंडीशन को MPCB तुरंत भाप लेता है और सर्किट को तुरंत बंद कर देता है जिससे की मोटर को जलने का चासेस कम हो जाता है।
MPCB का उपयोग कहां पर किया जाता है
यह अधिकतर छोटे मोटर को चालू बंद करने के लिए प्रयोग किया जाता है अर्थात स्टार डेल्टा स्टार्टर तथा डुएल स्टार्टर में इसका प्रयोग किया जाता है। अगर इसे देखा जाए तो इसका प्रयोग अधिकतम 100 एंपियर तक ही किया जाता है।
MPCB में क्या क्या होता है
रोटरी स्विच
इसके अंदर एक रोटरी स्विच होता है जो कि करंट का निर्धारण करने के लिए उपयोग किया जाता है जैसे मान लीजिए आपका मोटर 10 एंपियर 5 एंपियर या फिर 15 एंपियर करंट लेता है तो इसमें 10 एंपियर 15 एंपियर या फिर 5 एंपियर का सिलेक्शन करने के लिए रोटरी स्विच दिया रहता है या आवश्यकता अनुसार आप अपने हिसाब से इसे सेट कर सकते हैं यानी कि जितना मोटर का फुल लोड करंट रहेगा उस हिसाब से इस रोटरी स्विच की मदद से करंट का निर्धारण किया जाता है।
NO NC कांटेक्ट
इसमें NO NC का कांटेक्ट भी दीया रहता है जिससे हम मोटर के स्टार्टर बनाते समय इसकी मदद से मोटर को ट्रिप किया जा सकता है जैसे मान लीजिए मोटर का 10 एंपियर करंट है तो मोटर का जैसे 12 से 15 एंपियर करंट होगा तो मोटर के अंदर अर्थात उसके सर्किट में एक हीट उत्पन्न होगा जोकि MPCB का जो कांटेक्ट रहेगा वह nc से NO हो जाएगा।
MPCB के advantage
. इसके प्रयोग से हम तीनों तरह की सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं ओवरलोड शार्ट सर्किट तथा इसके साथ-साथ फेज फैलियर के कंडीशन में भी।
. इसको आसानी से लगाया जा सकता है किसी भी सर्किट में।
. इसमें मेंटेनेंस की कोई भी जरूरत नहीं पड़ती है।
. इसके प्रयोग करने के बाद आपको किसी भी थर्मल ओवरलोड रिले का जरूरत नहीं पड़ेगा।
Disadvantage of mpcb
फायदे के साथ-साथ इसके नुकसान भी बहुत हैं जैसे यह बहुत ही ज्यादा कॉस्टली होता है इसलिए इसका प्रयोग लोग बहुत कम करते हैं।
अगर या एक बार खराब हो जाता है तो इसका दोबारा मेंटेनेंस करके प्रयोग नहीं किया जा सकता है।
अगर आपके सर्किट में किसी भी प्रकार की शॉर्ट सर्किट होने की संभावना रहती है तो इसमें शॉर्ट सर्किट सुरक्षा तो दिया रहता है लेकिन इसमें उसका कोई सेटिंग पॉइंट नहीं रहता है अर्थात ऐसा नहीं रहता है कि इतना एंपियर शॉर्ट सर्किट करंट होने के बाद इसको स्वतः ही ट्रीप होना है।
आज हमने क्या सीखा
MPCB को मोटर प्रोटक्शन सर्किट ब्रेकर के नाम से बुलाते हैं यह एक प्रकार का सर्किट ब्रेकर है जो सर्किट को चालू या फिर बंद करने के लिए लगाया जाता है इसमें तीन तरह की हमें सुरक्षा मिलती हैं शॉर्ट सर्किट करंट ओवरलोड करंट तथा फेज फैलियर से सुरक्षा मिलती है और यह बहुत महंगा होता है और इसे छोटे मोटर के सुरक्षा के लिए उपयोग किया जाता है।
कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें