thermal overload relay क्या है। and how to work thermol over load relay in Hindi साथियों आज इस पोस्ट में जानेंगे के थर्मल ओवरलोड रिले क्या क...
thermal overload relay क्या है। and how to work thermol over load relay in Hindi
साथियों आज इस पोस्ट में जानेंगे के थर्मल ओवरलोड रिले क्या कैसे वर्क करता है और इसका उपयोग कहां कहां पर किया जाता है क्योंकि thermal overload relay इलेक्ट्रिकल फील्ड का एक प्रमुख इक्विपमेंट होता है जिसका उपयोग करते बहुत सारे मोटर को सुरक्षित किया जा सकता है इसलिए इस thermal overload relay के पूरे अच्छी तरह से जानकारी रखना इलेक्ट्रिकल फील्ड के स्टूडेंट्स इंजीनियर टेक्नीशियन को अति आवश्यक है।
thermal overload relay क्या है।
जैसा कि thermal overload relay का नाम से ही हमें पता चलता है कि कोई भी चीज ज्यादा हो जाएतो उसे बंद करने के लिए overload relay लगाया जाता है क्योकी इसका उद्देश्य लगाने का सिर्फ और सिर्फ सुरक्षा होता है यानी कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से थर्मल ओवरलोड रिले लगाया जाता है अर्थात थर्मल ओवरलोड रिले एक प्रकार का प्रोटेक्शन डिवाइस है जिसका उपयोग करके मोटर को ओवर करेंट होने के कारण सर्किट को र्टिप कराने के लिए उपयोग किया जाता है कभी-कभी क्या होता है मोटर में अधिक लोड होने के कारण या फिर बैरींग इत्यादी में प्रॉब्लम होने के कारण मोटर का करंट अधिक होने लगता है जिसके कारण उसका बाइंडिंग इत्यादि जल सकता है जिससे सुरक्षा करने के लिए थर्मल ओवरलोड रिले का प्रयोग किया जाता है।
how to work thermol over load relay in Hindi
जब हम मोटर को सप्लाई दे कर के थर्मल ओवरलोड रिले के द्वारा यानी कि थर्मल ओवरलोड रिले को लाइन में लेते हुए मोटर को जब हम चालू करते हैं किसी कारणवश मोटर में कोई प्रॉब्लम आ गया जैसे कि मोटर के कैप सिटी से अधिक उस पर लोड आ गया या फिर मोटर का बेरिंग खराब हो गया है या फिर मोटर का एलाइनमेंट ना बराबर होने के कारण जाम चलने लगा जिसके कारण उसका रेटेड करंट से अधिक करंट मोटर लेने लगेगा मान लीजिए अगर कोई मोटर का फुल लोड करंट 10 एंपियर है और हम ओवरलोड रिले का सेटिंग 9 पॉइंट 5 एंपियर पर करके रखे हुए हैं और जब मोटर ओवरलोड के कारण 12 एंपियर करंट ले लेगा तो रिले के अंदर 1 हीट जनरेट होने लगेगा अर्थात ओवरलोड रिले धीरे-धीरे गर्म होने लगेगा
अर्थात थर्मल ओवरलोड के अंदर दो तरह के स्ट्रिप होती हैं जिसे बाय मैटेलिक स्ट्रिप्स बोलते हैं बाय मैटेलिक स्ट्रिप्स जब मोटर का लोड ज्यादा लेगा तो गर्म होने के कारण सिकुड़ने लगेगा जिसकी वजह से थर्मल ओवरलोड रिले का द्वितीय स्ट्रिप्स से बाय मैटेलिक स्ट्रिप सिकुड़ने के कारण अलग हो जाएगा और जिसकी वजह से मोटर में जाने वाली सप्लाई बंद हो जाएगी।
Thermal over load relay का कनेक्शन कैसे किया जाता है
थर्मल ओवरलोड लोड रिले में कनेक्शन दो तरह के होते हैं प्रथम कनेक्शन जो होता है वह कंट्रोलिंग के लिए किया जाता है और द्वितीय कनेक्शन जो होता है वह पावर सप्लाई के लिए किया जाता है अर्थात जो कंट्रोलिंग के लिए वायर का सप्लाई कनेक्ट किया जाता है वह थर्मल ओवरलोड रिले के NC पंवाइट का प्रयोग करके स्टार्ट मे दिया जाता है रिले को ऑपरेट करने के लिए 1 न्यूट्रल सप्लाई की आवश्यकता भी होती है जो ओवरलोड रिले के A2 कांटेक्ट में देना होता है और जो पावर सप्लाई होता है 3 फेज का वह थर्मल ओवरलोड रिले के L1 L2 l3 कांटेक्ट से दिया जाता है जब मोटर में ओवरलोड होता है तो जो रिले के NC पॉइंट से कॉन्टैक्टर खो दिया हुआ सप्लाई कट हो जाता है यानी कि रिले का जो NC पॉइंट होता है वह NO हो जाता है।
Thermal overload relay मे टोटल कितने कांटेक्ट होते हैं।
इस रिले में टोटल 6 तरह के कांटेक्ट होते हैं जैसे
1 - NO use for tripping indication
2 - NC use for tripping
3 - A2 use for nutral
4 - L1 use for power supply
5 - L2 use for power supply
6 - L3 use for power supply
थर्मल ओवरलोड रिले में कुल कितने पार्ट्स होते हैं
थर्मल ओवरलोड रिले में मुख्यता बहुत सारे पार्ट से मिलाकर बनाए जाते हैं जैसे
टर्मिनल
इसमें दो टर्मिनल होते हैं एक टर्मिनल कॉन्टैक्टर के साथ में लगा रहता है और एक टर्मिनल से मोटर को सप्लाई दिया जाता है या फिर इनपुट सप्लाई दिया जाता है यह निर्भर करता है इसे कहां पर आप लगा रहे हैं
रोटरी स्विच
इस रिले में एक रोटरी स्विच रहता है जोकि मैनुअली सेट करने के लिए दिया रहता है इसका काम होता है आपको अपने आवश्यकता अनुसार यानी कि जितने किलो वाट का मोटर आपने उपयोग किया है उसके रेटेड करंट से रिले का करंट को सेटिंग करने के लिए दिया रहता है
रिसेट बटन
इसमें एक स्विच होता है जब बाय मैटेलिक स्ट्रिप ओवरलोड रिले के कारण सिकुड़ जाती हैं तो उसे सीधा करने के लिए इसमें एक स्विच लगा रहेगा जिस पर रिसेट नाम से इस सोच के ऊपर अंकित रहेगा जब रिले ट्रिप हो जाएगा तो इस स्विच से वापस रिले को रिसेट कर दिया जाएगा
Auxiliary कांटेक्ट
इस रिले में टोटल 4 Auxiliary कांटेक्ट होते हैं जैसे
NO (97-98)
NC (95-96)
के नाम से अंकित रहेंगे।
टेस्ट बटन
रिले को चेक करने के लिए इसमें एक रेड कलर का टेस्ट बटन भी दिया रहता है इसे दबा कर के हम पता कर सकते हैं कि रिले का कंडीशन अभी किस हालत में है।
थर्मल ओवरलोड रिले ट्रिपिंग के सिस्टम को कितने क्लास में बांटा गया है।
क्लास का मतलब होता है कि रिले कितने टाइम में ट्रिक होता है क्योंकि हर एक चीज का एक निश्चित समय फिक्स होता है कि इतने टाइम के अंदर में किसी भी सर्किट को बंद करना है ठीक इसी प्रकार से थर्मल ओवरलोड रिले का भी टाइमिंग होता है यानी कि एक समय के बाद रिले अपने आप को स्वतः ट्रिप कर लेगा इसका वर्णन कुछ इस प्रकार से है 5 सेकेण्ड, 10सेकेण्ड, 20सेकेण्ड, 30सेकेण्ड,
इसमें अधिकतम उपयोग होने वाला जो रिले होता है वह मोस्टली 10 से 20 सेकंड वाला ही रिले प्रयोग किया जाता है यानी कि जब मोटर का लोड बड़ेगा 10 सेकंड तक अगर फिक्स रहेगा लोड बड़ा हुआ तो रिले का बाय मैटेलिक स्ट्रिप सिकुड़ जाएगा
थर्मल ओवरलोड रिले किन किन कारणों से ट्रिप होता है
थर्मल ओवरलोड रिले का ट्रिप होने का मुख्य दो कारण होते हैं जैसे
ओवरलोड के कंडीशन में
और फेज फेलियर के कंडीशन में
लेकिन यह ध्यान दें कभी भी थर्मल ओवरलोड रिले शॉर्ट सर्किट के कारण ट्रिप नहीं होता है
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