Page Nav

HIDE

Home

What is Synchronous motor in hindi | synchronous motor work कैसे करता है।

What is Synchronous motor in hindi | synchronous motor work कैसे करता है। What is Synchronous motor in hindi | synchronous motor work कैसे क...

What is Synchronous motor in hindi | synchronous motor work कैसे करता है।


What is Synchronous motor in hindi | synchronous motor work कैसे करता है। दोस्तो आज इस पोस्ट में जानेगे कि synchronous motor working principle के बारे में इसके साथ ही साथ synchronous motor कहा पर जादातर उपयोग किया जाता हैं। मैं आशा करता हु synchronous motor कि इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको synchronous motor से rileted आपके सारे प्रशनों का उत्तर मिल जायेगा।


Synchronous motor working principle in hindi


Synchronous motor working principle के बारे मे बात करे तो जैसा कि हम सभी को पता है। Electrical motor सामान्य रूप से एक electro - mechanical उपकरण है जो ऊर्जा को परिवर्तित करता है यानि कि दोस्तो synchronous motor
 इलेक्ट्रिकल ऊर्जा  से मैकेनिकल उर्जा मे परिवर्तित करता हैं। अगर हम इसे इनपुट के प्रकार के आधार पर वर्गीकृत करे तो synchronous motor single phase तथा three phase मे इसके सिंक्रोनस मोटर उपलब्ध होते हैं।
 अगर दोस्तो 3 फेज इंडक्शन मोटर्स और
   सिंक्रोनस मोटर्स का आपस में तुलना किया जाय तो अधिक उपयोग में induation motor को हि लिया जाता हैं।


Synchronous motor start कैसे होता है

What is Synchronous motor in hindi | synchronous motor work कैसे करता है।
What is Synchronous motor in hindi | synchronous motor work कैसे करता है।



 जैसा कि हम सब लोग पहले से ही पता हैं कि synchronous motor self start नहीं होता  है तो दोस्तो जानते है कि सिंक्रोनस मोटर को start करने के लिए कौन कौन सि विधि का उपयोग करते हैं।
 
 मान लिजिए आपने थ्री फेज वाइंडिंग को थ्री फेज एसी सप्लाई दीये है तो दोस्तो अब क्या होगा कि जिस थ्री फेज बांइडिग में थ्री फेज सप्लाई दिये होंगे तो वाइडिंग में एक घूमने वाला चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है जो synchronous speed से घुमता रहेगा।
 
 अभी तक हम लोगो ने जाना स्टेटर के अन्दर चुम्बकीय क्षेत्र कैसे उत्पन्न हो कर घुमता है अब जानेंगे कि रोटर के अन्दर घुमने वाला चुम्बकीय क्षेत्र कैसे उत्पन्न होता है जिस तरह से दोस्तों रोटर को घुमाने वाले चुंबकीय क्षेत्र डीजल इंजन कुछ अलग उपकरण का प्रयोग करके घुमाया जाता है ठीक उसी प्रकार से रोटर के अन्दर मैगनेटिक फील्ड उत्पन्न करने के लिए अर्थात रोटर को सिंक्रोनस गती प्राप्त कराने के लिए हमे किसी बाहरी स्रोत का आवसकता पड़ेगा। वैसे तो दोस्तों synchronous motor के rotar को घुमाने के लिए बहुत सारे विधि का उपयोग किया जाता है जैसे कि prime mover, damper winding, small DC motors, और इसके साथ साथ pony motor यानी कि small induction motor का उपयोग करके synchronous motor के rotar को घुमाया जाता है।
 
 जैसे की अब मान लीजिए रोटर को डीसी सप्लाई पर यदि चालु करें तो रोटर मे पोल उत्पन्न हो जायेगा अब दोस्तो synchronous motor मे दो क्षेत्र उत्पन्न हो गए जिनमें से एक स्टेटर द्वारा उत्पादित चुंबकीय क्षेत्र है जबकि दूसरा रोटर द्वारा निर्मित होता है जो कि दोनो चुंबकीय क्षेत्र भौतिक रूप से लगभग उसी गति से घूमते रहते हैं
 लेकिन एक ऐसा समय होगा जब दोनों फ़ील्ड चुंबकीय रूप से बंद हो जाये गे। तो तब स्टेटर फ़ील्ड रोटर फ़ील्ड को सिंक्रोनिज़्म में खींचती है। अब हम रोटर को घुमाने के लिए उपयोग किए जाने वाले बाहरी उपकरण को हटा सकते हैं। लेकिन रोटर उसी गति से घूमता रहेगा जैसे डिसी supply देने पे होता था। अब चुंबकीय लॉकिंग के कारण  चुंबकीय क्षेत्र मे रोटर घुमता रहेगा

 
 Synchronous motor start करने के तरीके


दोस्तों अभी तक हम लोगों ने जाना सिंक्रोनस मोटर को कैसे स्टार्ट किया जाता है लेकिन अब जानेंगे उन तरीकों के बारे में जिससे सिंक्रोनस मोटर को स्टार्ट करने में मदद मिलता है जैसे कि हम सभी को पता रहता है कि हमेशा
 हमें रोटर को सिंक्रोनस गति के लगभग बराबर गति से घुमाने के विकल्प के बारे में सोचना होता है। इसलिए सिंक्रोनस मोटर को शुरू करने के लिए विभिन्न तरीकों को नियोजित करके यह संभव हो सकता है। सिंक्रोनस मोटर शुरू करने के लिए निम्नलिखित विभिन्न विधियां हैं।
 1. Prime mover का उपयोग करना
 2. Damper winding का उपयोग करना
 3. एक छोटे induction motor
 4. इसके साथ मिलकर छोटी डीसी मशीन का उपयोग करना

 
Pony motor का उपयोग करना

 
 इस विधि में, कुछ बाहरी उपकरण जैसे छोटी प्रेरण (induation motor) मोटर रोटर को synchronous motor के पास लाने के लिए उपयोग की जाती है। इस बाहरी उपकरण को पोनी मोटर कहा जाता है।
 जब रोटर तुल्यकालिक गति प्राप्त कर लेता है, तो रोटर को dc उत्तेजना चालू कर दी जाती है। कुछ समय बाद तुल्यकालन विकसित होता है और फिर पोनी मोटर को हटा दिया जाता है। सिंक्रोनिज़्म के कारण रोटर एक सिंक्रोनस मोटर के रूप में घूमता रहता है।

 
Damper winding का उपयोग करना


 एक सिंक्रोनस मोटर में, हमारे पास सामान्य फील्ड वाइंडिंग होती है और इसके अलावा तांबे की सलाखों से युक्त अतिरिक्त वाइंडिंग को पोल के स्लॉट्स में रखा जाता है। ये बार एंड रिंग्स की मदद से शॉर्ट-सर्किट होते हैं। रोटर पर यह अतिरिक्त वाइंडिंग है  इसे डैपर वाइंडिंग कहा जाता है। यह वाइंडिंग शॉर्ट-सर्किट होने के कारण, यह इंडक्शन मोटर की गिलहरी केज रोटर वाइंडिंग की तरह काम करती है। 
 जैसे जब स्टेटर मे 3 Phase supply दि जाति है  उत्तेजित हो जाता है, तो मोटर उप-तुल्यकालिक गति से एक प्रेरण मोटर के रूप में घूमना शुरू कर देता है।  फिर डी.सी.  फील्ड वाइंडिंग को आपूर्ति दी जाती है। एक विशेष पल में, मोटर सिंक्रोनिज़्म में खींच लिया जाता है और एक तुल्यकालिक गति से घूमना शुरू कर देता है।  चूंकि रोटर सिंक्रोनस गति से घूमता है, डैपर वाइंडिंग और घूर्णन चुंबकीय क्षेत्र के बीच सापेक्ष गति शून्य होती है। इसलिए जब मोटर एक सिंक्रोनस मोटर के रूप में चल रही होती है, तो डैपर वाइंडिंग में कोई प्रेरित ईएमएफ नहीं हो सकता है।
 इसलिए डैम्पर वाइंडिंग केवल शुरुआत में सक्रिय है, मोटर को शुरू में एक इंडक्शन मोटर के रूप में चलाने के लिए। बाद में, यह सर्किट से बाहर है। चूंकि डैपर वाइंडिंग शॉर्ट सर्किट होती है और मोटर इंडक्शन मोटर के रूप में शुरू हो जाती है, यह उच्च धारा खींचती है  स्टार्ट तो इंडक्शन मोटर स्टार्टर्स जैसे स्टार-डेल्टा, ऑटोट्रांसफॉर्मर आदि। सिंक्रोनस मोटर को इंडक्शन मोटर के रूप में शुरू करते थे।

 
  छोटी डीसी मशीन का उपयोग करना

  
 कई बार, बड़े सिंक्रोनस मोटर्स को एक युग्मित डीसी मशीन के साथ प्रदान किया जाता है।  सिंक्रोनस मोटर को एसिंक्रोनस गति से घुमाने के लिए इस मशीन का उपयोग डीसी मोटर के रूप में किया जाता है। फिर रोटर को उत्तेजना प्रदान की जाती है। एक बार जब मोटर एक सिंक्रोनस मोटर के रूप में चलने लगती है, तो वही डीसी मशीन एक्सिटर नामक डीसी जनरेटर के रूप में कार्य करती है।  सिंक्रोनस मोटर तब इस एक्साइटर से ही उत्तेजित होना शुरु कर देता है।


Synchronous motor use कहा करते है


Synchronous motor का उपयोग अक्सर जो है power factor को maintain करने के लिए किया जाता है synchronous motor का उपयोग लोड के साथ चलाना बहुत ही कम देखा गया है।


Advantage of synchronous motor


Synchronous motor निम्नलिखित फायदे हैं जैसे सिंक्रोनस मोटर का उपयोग पावर फैक्टर के लिए किया जाता है तथा सिंक्रोनस मोटर एक ऐसा मोटर होता है जिसका स्पीड स्थिर होकर चलता है यानी कि जितना स्टेटर में मैग्नेटिक फ्लक्स उत्पन्न होगा उतने ही स्पीड से रोटर भी घूमता रहेगा।


Disadvantage of synchronous motor


Synchronous motor के फायदे के अपेक्षा इसमें नुकसान ज्यादा देखा जाता है जैसे सिंक्रोनस मोटर को सेल्फ स्टार्ट नहीं कर सकते हैं सिंक्रोनस मोटर का मेंटेनेंस खर्चा बहुत ही ज्यादा होता है सिंक्रोनस मोटर को लोड के साथ जल्दी नहीं चलाया जा सकता सिंक्रोनस मोटर एक बहुत ही भारी भरकम मोटर होता है सिंक्रोनस मोटर का coast बहुत ही ज्यादा होता है।


दोस्तों मैं आशा करता हूं synchronous motor का यह छोटा सा पोस्ट आपके लिए बहुत ही ज्यादा मददगार साबित हुआ होगा दोस्तों अगर आपको synchronous motor से रिलेटेड कोई भी प्रकार का प्रश्न होगा तो आप हमें कमेंट बॉक्स में आकर के पूछ सकते हैं synchronous motor के इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।
 

कोई टिप्पणी नहीं