Transformer | transformer क्या है। Transformer type in hindi Transformer | transformer क्या है। Transformer type in hindi इस पोस्ट में बताया...
Transformer | transformer क्या है। Transformer type in hindi
Transformer | transformer क्या है। Transformer type in hindi
इस पोस्ट में बताया गया है transformer क्या है। Transformer type in hindi
इसके अलावा transformer working principle, transformer testing, transformer cooling, transformer, transformer type, मेरा पूरा कोसिस रहेगा इस पोस्ट में Transformer | transformer क्या है। Transformer type in hindi ध्यान से पढ़ने के बाद transformer क्या है। Transformer type से कुछ भी डाउट नहीं रहेगा।
Transformer | transformer क्या है। Transformer type in hindi
![]() |
| Transformer | transformer क्या है। Transformer type in hindi |
transformer क्या है
Transformer एक static machine है जो फिक्स्ड फ्रिकवेंसी पर हाई वोल्टेज को लो वोल्टेज और लो वोल्टेज को हाई वोल्टेज में कन्वर्ट करता है उसे transformer कहते हैं। वैसे तो transformer क्या है एक बहोत ही बड़ा टॉपिक है लेकिन transformer क्या है। इसके बारे में आपको short में बताया ताकि आपको आसान भाषा में समझ में आ जाये कि transformer क्या है।
Transformer working principle in hindi
वैसे तो Transformer एक विशालकाय पहाड़ जैसा लगता है लेकिन आपको बहुत ही अच्मभा होगा transformer working principle के बारे में जानके
Transformer working principle के बारे में जानें उससे पहले transformer के और कुछ पहलुओं पर ध्यान देते हैं जिससे कि transformer working principle आप को समझने में बहुत ही आसान लगे जैसे मैं आपको बता दूं transformer एक स्थिर मशीन है यानी कि transformer में कोई भी रोटेटिंग part नहीं होता है जिसके कारण transformer स्थिर रहता है ट्रांसफार्मर में दो बाइंडिंग होता है एक प्राइमरी वाइंडिंग दूसरा सेकेंडरी वाइंडिंग। अब बात करते हैं transformer working principle के बारे में transformer mutual induction principle पर काम करता है transformer working principle के बारे में जानके अब आपके मन में डाउट आ रहा होगा कि mutual induction क्या होता है
Transformer | transformer क्या है। Transformer type in hindi
![]() |
| Transformer | transformer क्या है। Transformer type in hindi |
Mutual induction क्या है
जैसा कि अभी तक हमने जाना कि transformer क्या है transformer working principle क्या है अब जानते हैं कि mutual induction क्या है यानी कि transformer working principle में mutual induction कैसे काम करता है। मान लीजिए किसी एक conductor में कोई इलेक्ट्रिक करंट प्रवाहित हो रहा है उसी conductor के बगल में अगर कोई एक कंडक्टर और रख दिया जाए तो उसके अंदर भी मैग्नेटिक फील्ड इंड्यूस्ड होने लगेगा यही होता है म्युचुअल इंडक्शन अब कुछ अलग उदाहरण के थ्रू समझते हैं जैसे मान लीजिए कोई एक आदमी आप के बगल में खड़ा होकर के सिगरेट पी रहा है वह सिगरेट का धुआं आपके अंदर महसूस होगा इसी तरह mutual induction काम करता है।
Transformer | transformer क्या है। Transformer type in hindi
Transformer work कैसे करता है
अभी तो हम लोगों ने transformer working principle, and transformer क्या है। अब जानेंगे ट्रांसफार्मर work कैसे करता है। मान लीजिए एक ट्रांसफार्मर है। और जब transformer में 3 phase supply जोड़ा जाएगा तो transformer के primary वाइंडिंग में मैग्नेटिक फ्लक्स इंड्यूस्ड हो जाएगा जिसके कारण सेकेंडरी वाइंडिंग core primary winding से लिंक होने के कारण सेकेंडरी वाइंडिंग के कोर में emf indused हो जाएगा यह सब क्रिया म्युचुअल इंडक्शन के कारण होता है। आगे जानेगे transformer type के बारे में लेकिन उससे पहले जानेंगे ट्रांसफार्मर में कौन-कौन से पार्ट्स होते हैं। जैसे transformer core, transformer conservator, transformer breather, transformer taink, Buchholz relay, transformer oil, transformer cooling, etc
Transformer core
Transformer core magnetic flux पथ प्रदान करता है। ट्रांसफॉर्मर कोर सिलिकॉन स्टील कि पतली पतली E, I, L, U, आकार कि पतियों को मिलाकर transformer core बनाया जाता है। पतियों की मोटाई 0.5 से 0.25 तक होता है।
Transformer conservator
![]() |
| Transformer | transformer क्या है। Transformer type in hindi |
Transformer conservator transformer के oil cooling के लिए लगाया जाता है और कंजरवेटर काम कैसे करता है मान लीजिए आप कोई चाय गरम करते हैं जब चाय गरम करेंगे तो चाय जो है ऊपर की तरफ आता है और ठंडा होने के बाद फिर नीचे की तरफ जाता है इसी तरह जब transformer oil गर्म होता है तो ऊपर आएगा फिर कंजरवेटर से घूम कर के कूलिंग हो करके फिर नीचे की तरफ चला जाएगा इसी तरह कंजरवेटर ट्रांसफार्मर का काम करता है।
Transformer | transformer क्या है। Transformer type in hindi
Transformer breather
![]() |
| Transformer | transformer क्या है। Transformer type in hindi |
Transformer breather Transformer conservator के टैंक के साथ एक पाइप के थ्रू जुड़ा होता है transformer breather का काम होता है अंदर के गर्म वायु को बाहर भेजना तथा बाहर के वायु को फिल्टर करके अंदर ट्रांसफार्मर में भेजना।
Transformer taink
Transformer taink में transformer के winding को रखा जाता है इसके साथ ही साथ वाइंडिंग को ठंडा रखने के लिए के लिए ट्रांसफार्मर के टैंक में ऑयल को भरा जाता है ट्रांसफार्मर के टैंक को इसलिए बड़ा किया जाता है ताकि ऑयल को अच्छी तरीके से ठंडा किया जा सके oil cooling कैसे होता है मैं आगे की पोस्ट में चर्चा करूंगा।
Transformer Buchholz relay
![]() |
| Transformer | transformer क्या है। Transformer type in hindi |
Transformer Buchholz relay का काम transformer के अंदर आए फाल्ट को जानना और इसके साथ साथ अलार्म देना ताकि लोगों को पता चल सके कि ट्रांसफार्मर के अंदर क्या प्रॉब्लम आया हुआ है।
Transformer | transformer क्या है। Transformer type in hindi
Transformer oil
Transformer oil का उपयोग ट्रांसफार्मर को ठंडा करने के लिए किया जाता है ट्रांसफॉर्मर ऑयल से ट्रांसफार्मर का वाइंडिंग पूरा डूबा होता है यह एक इंसुलेटेड आयल होता है ट्रांसफार्मर आयल को यूज करने से पहले उसे हिट किया जाता है यानी कि गर्म करके transformer oil को यूज किया जाता है ताकि ट्रांसफॉर्मर ऑयल में सारे नमी को निकाल दिया जाए transformer oil गर्म करके।
Transformer cooling
Transformer cooling ट्रांसफार्मर को ठंडा करने के लिए किया जाता है transformer cooling वैसे तो बहुत से प्रकार होते हैं जैसे कि नेचुरल कूलिंग, आयल ईमरसड कूलिंग, एयर ब्लास्ट कूलिंग, गांव शहरों में यूज होने वाला ट्रांसफार्मर में हमेशा नेचुरल कूलिंग होता है।
जैसा कि अभी तक हम लोगों ने जाना transformer | transformer क्या है, transformer working principle, transformer cooling, transformer parts आगे जानेंगे transformer type के बारे में।
Transformer | transformer क्या है। Transformer type in hindi
Transformer type
वैसे तो transformer type बहुत से प्रकार के होते हैं लेकिन हर एक transformer type का अलग अलग कार्य होता है transformer type के बारे में जाने उससे पहले transformer type के बारे में जानना क्यों जरूरी है उसके बारे में बात करते हैं मान लीजिए अगर आपको कहीं पर करंट मेंजर करना है अगर वहां पर आप CT transformer के जगह पर pt transformer यूज करेंगे तो इससे आपको खतरों का सामना करना पड़ सकता है अगर किसी भी transformer को यूज़ करने से पहले उसके क्या-क्या सावधानी बरतनी चाहिए उसके ट्रांसफार्मर लगाने से पहले हमें उनके बारे में भली-भांति जान लेना चाहिए कि transformer को कहां पर कैसे यूज करना है अब बात करते हैं transformer type के बारे में transformer कितने type के होते हैं।
वोल्टेज के हिसाब से transformer दो type का होता है
Step up transformer
अब बात करते हैं Transformer type में स्टेप अप transformer क्या होता है स्टेप अप ट्रांसफॉर्मर व ट्रांसफार्मर होता है जब लो वोल्टेज को हाई वोल्टेज में कन्वर्ट करना होता है तो स्टेप अप ट्रांसफॉर्मर का यूज किया जाता है। जैसे step up transformer में ट्रांसफार्मर के द्वारा 11kv को 33kv में कन्वर्ट करना स्टेप अप ट्रांसफॉर्मर कहलाएगा।
Step down transformer
Transformer type में step down transformer वह ट्रांसफार्मर होता है जो हाई वोल्टेज को लो वोल्टेज में कन्वर्ट करता है जैसे कि 33kv को यदि हमें 11 केवी में कन्वर्ट करना होगा तो
Step down transformer का यूज़ किया जाएगा यानी कि उपयोग किया जाएगा।
Transformer types में
Instrument transformer type
Instrument transformer type का उपयोग सामान्यतः मेजरमेंट करने के लिए यानी कि पैरामीटर्स लेने के लिए यूज किया जाता है यह भी कुछ दो प्रकार के ट्रांसफार्मर होते हैं जैसे example ke के तौर पर करंट ट्रांसफॉर्मर एंड पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर।
Transformer type में
Current transformer
Current transformer use करंट मेजर करने के लिए किया जाता है इस ट्रांसफार्मर में स्टेप अप ट्रांसफॉर्मर का प्रयोग किया जाता है जैसा कि हम सभी को पता है जब वोल्टेज पड़ेगा तो करंट घटेगा इसलिए स्टेप अप ट्रांसफॉर्मर का उपयोग करके करंट को मेजर किया जाता है सेकेंडरी साइड करंट ट्रांसफॉर्मर में एमीटर का प्रयोग किया जाता है वह मीटर को सेकेंडरी साइड में शॉट करके रखा जाता है इसलिए किया जाता है क्योंकि अगर शार्ट नहीं किया जाएगा तो बहुत ही दुर्घटना का सामना करना पड़ सकता है
Transformer types में
Potential transformer
Potential Transformer का use current transformer की तरह ही करते हैं करंट ट्रांसफार्मर से सिर्फ करंट मेजर किया जाता है पोटेंशियल ट्रांसफार्मर से वोल्टेज मेजर किया जाता है पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर में स्टेप डाउन ट्रांसफॉर्मर का प्रयोग किया जाता है ऐसा इसलिए किया जाता है जैसा कि हम सभी को पता है जब करंट को हम को बढ़ाना है तो वोल्टेज को घटाना पड़ेगा वोल्टेज तभी घटेगा जब हम स्टेप डाउन ट्रांसफॉर्मर का यूज करेंगे।
Transformer types
Auto transformer
Auto transformer ka use अक्सर वोल्टेज रेगुलेटर का जब जरूरत पड़ता है तो किया जाता है ऑटो ट्रांसफार्मर में हमेशा एक बाइंडिंग होता है और प्राइमरी और सेकेंडरी वाइंडिंग को बीच से टाइप करके बनाया जाता है।
Transformer types
Phase के अनुसार ट्रांसफार्मर
Phase के अनुसार transformer दो प्रकार का होता है एक सिंगल फेज ट्रांसफॉर्मर एक थ्री फेज ट्रांसफार्मर सिंगल फेज ट्रांसफॉर्मर और थ्री फेज ट्रांसफार्मर में डिफरेंस यह होता है कि थ्री फेज ट्रांसफार्मर का यूज हम पावर ट्रांसमिशन डिस्ट्रीब्यूशन तथा पावर जनरेशन में यूज करते हैं लेकिन सिंगल फेज ट्रांसफॉर्मर का यूज सिर्फ हम जहां पर कंट्रोलिंग सिस्टम यूज करना हो वहां पर सिंगल फेज ट्रांसफार्मर का उपयोग करते हैं सिंगल फेज ट्रांसफॉर्मर तीन प्रकार के होते हैं जैसे कोर टाइप ट्रांसफॉर्मर शैल टाइप ट्रांसफॉर्मर तथा वैरी टाइप ट्रांसफॉर्मर और पावर ट्रांसफार्मर भी दो प्रकार का होता है शैल टाइप और कोर टाइप ट्रांसफार्मर।
वैसे तो साथियों transformer type, transformer क्या है एक बहुत ही बड़ा विषय है लेकिन मैं इस पोस्ट में आपको बहुत ही छोटे में बताने का कोशिश किया हूं ताकि आपको transformer का एक बेसिक चीज क्लियर हो जाए कि transformer क्या है transformer type, transformer working principle, और इसके साथ ही साथ transformer cooling, एंड ट्रांसफार्मर के पार्ट्स के बारे में मैं आशा करता हूं दोस्तों transformer transformer क्या है transformer type working principle of transformer आपको आसान भाषा में समझ में आ गया होगा अगर आपको कुछ भी डाउट है transformer type and Transformer क्या है ट्रांसफार्मर में कुछ भी डाउट है तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं Transformer kya hai Transformer types की पोस्ट पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।





कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें