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Full wave rectifier in hindi, | full wave rectifier क्या है, कैसे काम करता है।

Full wave rectifier in hindi, | full wave rectifier  क्या है, कैसे काम करता है। दोस्तो आज इस पोस्ट बात किया जायेगा full wave rectifier के बा...

Full wave rectifier in hindi, | full wave rectifier  क्या है, कैसे काम करता है।

दोस्तो आज इस पोस्ट बात किया जायेगा full wave rectifier के बारे कि full wave rectifier क्या है full wave rectifier क्यो उपयोग किया जाता है और full wave rectifier कैसे काम करता है।

Full wave rectifier क्या है


 दोस्तो full wave rectifier का काम AC को DC में बदलना होता है और यह एक सेमीकंडक्टर डिवाइस है होता है full wave rectifier जो कि पूरे alternative current के cycle को स्पंदित करके direct current में परिवर्तित करता है। अगर एक हिसाब से देखा जाय तो full wave rectifier half wave rectifier के कमियो को दुर करता है यानी की half wave rectifier के विपरीत, जो input AC cycle की केवल आधी वेव का उपयोग करता है, वही पर full wave rectifier फुल वेव का उपयोग करते हैं।  

 Full wave rectifier types

 
Full wave rectifier वैसे तो दो प्रकार का होता है
(1) center tapped full wave rectifier
(2) full wave bridge rectifier
इस पोस्ट मे center tapped rectifier के बारे मे चर्चा किया जायेगा


Full wave rectifier काम कैसे करता Full wave rectifier in hindi, | full wave rectifier  क्या है, कैसे काम करता है।



Full wave rectifier का सर्किट जैसा कि आपको figure मे दिखाई दे रहा होगा कि full wave rectifier के सर्किट में दो diode और एक step down transformer आपस मे जुड़े होते है full wave rectifier मे step down transformer का काम voltage को कम करना आवश्यकता नुसार और diode का काम Ac को DC में बदलना इसमें एक diode first half cycle के लिए तथा दुसरा diode second half cycle के लिए use किया जाता है। अर्थात जब एसी वोल्टेज का धनात्मक आधा चक्र रेक्टिफायर पर लगाया जाता है, तो द्वितीयक वाइंडिंग का शीर्ष धनात्मक हो जाता है जबकि द्वितीयक वाइंडिंग का निचला भाग वाइंडिंग के शीर्ष के संबंध में ऋणात्मक होता है। इस प्रकार, डायोड D1 फॉरवर्ड बायस्ड है क्योंकि यह सेकेंडरी वाइंडिंग के शीर्ष से जुड़ा है और डायोड D2 रिवर्स बायस्ड है क्योंकि यह सेकेंडरी वाइंडिंग के निचले हिस्से से जुड़ा है।  इस प्रकार, डायोड D1 चक्र के धनात्मक आधे भाग के दौरान आचरण करेगा, और डायोड D2 AC सिग्नल के धनात्मक आधे के दौरान आचरण नहीं करेगा।
 डायोड D1 शॉर्ट सर्किट के रूप में कार्य करता है, और डायोड D2 AC सिग्नल के सकारात्मक आधे हिस्से के दौरान एक ओपन सर्किट के रूप में कार्य करता है।  जब एसी सिग्नल का नकारात्मक आधा चक्र रेक्टिफायर सर्किटरी पर लागू होता है तो सेकेंडरी वाइंडिंग का टॉप नेगेटिव हो जाता है और सेकेंडरी वाइंडिंग का निचला आधा हिस्सा पॉजिटिव हो जाता है।
 इस प्रकार, डायोड D1 उलटा बायस्ड है, और डायोड D2 फॉरवर्ड बायस्ड है।  ऐसा इसलिए होता है क्योंकि द्वितीयक वाइंडिंग के ऊपर ऋणात्मक वोल्टेज डायोड D1 में कैथोड के संबंध में एनोड टर्मिनल को ऋणात्मक बनाता है।
 इसलिए फुल वेव रेक्टिफायर में पॉजिटिव हाफ एसी के साथ-साथ नेगेटिव हाफ एसी के लिए डीसी वोल्टेज प्राप्त होता है।  इस प्रकार, रेक्टिफायर का नाम full wave rectifier है।

Full wave rectifier and half wave rectifier मे अन्तर


Full wave rectifier और half wave rectifier दोनो का काम AC (alternating current) को DC (direct current) मे बदलने का कार्य करता है बस इन दोनो rectifier मे difference इतना होता है कि full wave rectifier का उपयोग full wave cycle के लिए किया जाता है तथा half wave rectifier का उपयोग half wave cycle के लिए उपयोग किया जाता है जैसा कि हमें पता है full wave rectifier मे दो डायोड का उपयोग किया जाता है लेकिन हाफ वेव रेक्टिफायर में सिर्फ एक डायोड का उपयोग किया जाता है।


Use of full wave rectifier - का उपयोग


Full wave rectifier का उपयोग वहा पर किया जाता है जहा पर हमे DC supply का जरुरत पणता है जैसे
. UPS ( uninterrupted power supply)
. mobile phone and laptop charger
. inverter
.led, lcd tv
इत्यादि में किया जाता है


तो दोस्तों इस पोस्ट में हम लोगों ने जाना की full wave rectifier क्या होता है कैसे काम करता है और full wave rectifier का उपयोग कहां किया जाता है अगर दोस्तों आपको full wave rectifier से किसी भी प्रकार का प्रश्न है तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं।

 

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