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Contactor - क्या है | contactor working, and contactor types,

Contactor - क्या है | contactor working, and contactor types, Contactor INTRODUCTION दोस्तो आज इस पोस्ट में बात किया जायेगा contactor के बार...



Contactor - क्या है | contactor working, and contactor types,


Contactor INTRODUCTION


दोस्तो आज इस पोस्ट में बात किया जायेगा contactor के बारे में।
(1) contactor क्या है
(2) contactor में क्या क्या होता है
(3) contactor कैसे use किया जाय
(4) contactor का body
(5) contactor working principle in Hindi
(6) contactor types
(7) contactor के advantage
(8) contactor को check कैसे करे


Contactor क्या है


अगर दोस्तो contactor हिन्दी meaning की बात करें तो contactor का मतलब संपर्ककर्ता होता है अगर इसे कुछ असान भाषा में कहे तो contactor किसी भी electrical और electronic सर्किट मे supply को जोड़ने और तोड़ने का कार्य करता है। आइए इसे एक उदाहरण के द्वारा समझने की कोशिश करते हैं जिस तरह घरों में हम स्विच का उपयोग करके किसी भी equipment को चालू और बंद करने के लिए किया जाता है ठीक उसी प्रकार विद्युत सर्किट में बिना हाथ लगाए equipment को चालू और बंद करने के लिए जिस equipment का प्रयोग किया जाता है उसे contactor कहते हैं। इसके साथ साथ औद्योगिक क्षेत्रों में contactor का एक बहुत बड़ा अहम रोल होता है।


Electric Contactor मे क्या क्या होता है 

Contactor - क्या है | contactor working, and contactor types,


यदि contactor के बारे में बात किया जाए तो contactor और relay में ज्यादा difference नहीं होता है। बस relay का उपयोग electrical और electronic circuit में safety के लिए उपयोग किया जाता है लेकिन contactor switching के लिए उपयोग किया जाता है
 Contactor में 2 type iron के core होते हैं, जहां एक स्थिर (fixed) होता है और दूसरा moving core होता है और ये सब कापर के तार होते है। ये कापर की कुण्डली स्थिर क्रोड पर स्थित होती है।  Electrical connection के लिए 6 main terminal होते हैं, जहां 3 fixed core   और अन्य 3 moving core होते हैं।  ये contactor मे शुद्ध कापर से बने होते हैं, और इसके साथ ही साथ contactor इस तरह से designकिया जाता है की  उच्च प्रारंभिक तापमान और वर्तमान का तापमान का सामना करने के लिए इसे विशेष मिश्र धातु से बनाया जाता हैं।  और contactor एक spring होता है जो fixed coil and moving coil के बीच में स्थित होता है,  contactor सामान्य रूप से खुला या बंद हो सकता है।  


Electric Contactor कैसे use किया जाय


Contactor मे हमेशा दो तरह के supply जुड़े होते हैं पहला supply contactor को चलाने के लिए दिया जाता है जो एक प्रकार का circuit के controlling के साथ जुड़ा होता है जिसका सप्लाई 110v dc,110v ac, 240v ac/dc, etc
और contactor मे दूसरा power supply दिया जाता है जो या आसान भाषा में कहें तो contactor का दुसरा supply load के साथ जुड़ा होता है। 

Contactor - क्या है | contactor working, and contactor types,


Electric Contactor का body


Electric Contactor body एक तरह से Insulator और Safety प्रदान करता है, जो electrical circuit मे किसी भी प्रकार का विद्युत electrical touch, dust oil etc से बचाता है। Contactor body बहुत सारी material से मिलकर बने होते हैं जैसे नायलॉन , बैकलाइट, थर्मोसेटिंग प्लास्टिक इत्यादि से बने होते हैं।

 
 Electric Contactor working principle in Hindi
 

Electric Contactor में हमेशा supply देने पर electrical magnetic field उत्पन्न होता है जिसका कार्य fixed coil हमेशा moving coil को अपनी तरफ आकर्षित करना होता है और स्टार्टिंग में उत्पन्न इलेक्ट्रिक मैग्नेटिक फील्ड बहुत ही ज्यादा धारा अपनी तरफ खींचती है बाद में मूविंग कांटेक्ट और स्थिर कांटेक्ट इलेक्ट्रोमैग्नेटिक के कारण आपस में चिपक कर बैठ जाते हैं जैसे ही विद्युत सप्लाई बंद किया जाता है वैसे ही तुरंत स्थिर क्वायल और मूविंग क्वायल एक दूसरे से विपरीत हो जाते हैं  
 अगर इसे आसान भाषा में समझे तो मान लीजिए किसी एक मोटर को किसी contactor के द्वारा चलाना है तो जैसे ही मोटर का स्टार्ट बटन को दब आएंगे तुरंत मोटर को चलाने के लिए लगाओ electric contactor hold होगा और electric contactor के इनपुट टर्मिनल पर दिया हुआ सप्लाई आउटपुट टर्मिनल पर आ जाएगा और मोटर आसानी से चालू हो जाएगा।

Contactor types


अगर दोस्तों देखा जाए तो contactor मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं
. Power contactor
. Auxiliary contactor


Power contactor


Power contactor का उपयोग हमेशा लोड के साथ कनेक्ट करने के लिए किया जाता है power contactor उपयोग के बारे में बात किया जाए तो जैसे मोटर, पंप, इत्यादि को चलाने के लिए किया जाता है। Power contactor का चुनाव load के ऊपर किया जाता है।


Auxiliary contactor


यह contactor एक सहायक के रूप में किया जाता है यानी की auxiliary contactor अधिकांश control circuit में उपयोग किया जाता है।


Advantage of contactor


. अगर देखा जाय तो Contactor एक प्रकार का सुरक्षा प्रदान करने वाला equipment होता है जोकि विद्युत सप्लाई को एक स्विच की भांति चालू और बंद बहुत ही आसानी के साथ किया जा सकता है।
. Contactor के बिना स्टार डेल्टा स्टार्टर जैसे स्टार्टर को बनाना नामुमकिन है


Contactor को check कैसे करें


किसी भी contactor को लगाने से पहले यह जरूर जांच कर लेना चाहिए की Contactor अच्छा है कि नहीं है contactor को जांच करने के लिए दो मुख्य विधियां होती हैं पहला किसी भी contactor का Multimeter के द्वारा continuity check करना तथा दूसरा विधि contractor के coil में supply देकर जांच कर सकते हैं।


दोस्तों मैं आशा करता हूं कि contactor का यह छोटा सा पोस्ट आपके लिए बहुत ही ज्यादा मदद गार साबित हुआ होगा अगर आपको contactor से कोई प्रश्न है तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं।

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