Semiconductor in hindi , semiconductor type, अर्धचालक क्या है Semiconductor in hindi , semiconductor type अर्धचालक क्या है दोस्तों आज इस पोस...
Semiconductor in hindi , semiconductor type
अर्धचालक क्या है
दोस्तों आज इस पोस्ट में जानेंगे semiconductor क्या है इसके बारे में semiconductor type के बारे में इसके साथ साथ semiconductor को कैसे बनाया जाता है और semiconductor का उपयोग कहां पर किया जाता है दोस्तों semiconductor के इस पोस्ट को पढ़ने के बाद semiconductor तथा semiconductor type से सारे doubt आपके clear हो जाएंगे मैं आशा करता हूं दोस्तों semiconductor तथा semiconductor type के इस पोस्ट को बहुत ही ध्यान पूर्वक पड़ेंगे।
Semiconductor क्या है in Hindi ( अर्धचालक क्या है)
Semiconductor material को हिंदी में अर्धचालक पदार्थ कहते हैं semiconductor material यानी कि अर्धचालक पदार्थ उससे कहा जाता है जो चालक से कम होता है चालक यानी कंडक्टर (silver, copper, aluminium, etc) तथा कुचालक से अधिक होता है कुचालक यानी (शीशा) semiconductor material में उपयोग होने वाले अधिकतर silicon और germanium होता है semiconductor material एक ऐसा पदार्थ होता है जिस के बिना उपयोग इस धरती पर आधुनिक जीवन का कल्पना करना भी नामुमकिन जैसा लगता है semiconductor के पदार्थ की उपयोगिता की बात की जाए तो इस धरती पर इंसानी जीवन जीने के लिए जिस तरह से ऑक्सीजन का बहुत ज्यादा जरूरत होता है उसी तरह से इस धरती पर छोटा से छोटा तथा बड़ा से बड़ा technology के field में विकास कर पाना असंभव है semiconductor (अर्धचालक) के उपयोग के बारे में जानते हैं सेमीकंडक्टर का उपयोग मोबाइल फोन, led tv, LED light, computer, इत्यादि में किया जाता है। Semiconductor यानी कि अर्धचालक पदार्थ की प्रतिरोध (resistance)का बात किया जाए तो 10the power_5 से 10the power 8 के बीच में होता है रजिस्टेंस के बारे में बात किया जाए रजिस्टेंस एक ऐसा पदार्थ होता है जो किसी भी इलेक्ट्रिकल सर्किट में इलेक्ट्रिकल करंट को प्रवाहित होने में बाधा उत्पन्न करता है उसे हम रजिस्टेंस या फिर प्रतिरोध के नाम से जानते हैं। जैसा कि हम सभी को पता है electron को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए बाहरी ऊर्जा स्त्रोत की जरूरत पड़ता है यानी कि दोस्तों आसान भाषा में कहें electron को valance band(संयोजी बैंड) से conduction band (चालन बैंड)में भेजने के लिए जिस ऊर्जा की जरूरत होती है उसे voltage कहते हैं जो वोल्टेज 0 से 6eV तक होता है।
Silicon में वोल्टेज लगभग 1.1eV देना होता है
Germanium में वोल्टेज लगभग 0.7eV देना होता है।
Semiconductor type (अर्धचालक के प्रकार)
Semiconductor type के बारे में बात करें तो semiconductor दो प्रकार का होता है
(1) intrinsic semiconductor (अर्धचालक)
(2) extrinsic semiconductor (अर्धचालक)
Intrinsic semiconductor (अर्धचालक)
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Intrinsic type semiconductor एक pure सेमीकंडक्टर होता है intrinsic semiconductor का conductivity extrinsic semiconductor से कम होता है intrinsic semiconductor मुख्यतः दो प्रकार का होता है पहला silicon तथा दूसरा germanium होता है। Intrinsic type semiconductor में जब भी एनर्जी दिया जाता है उसके होल्स और इलेक्ट्रोंस घूमने लगते हैं जोकि एक दूसरे के विपरीत हमेशा होते हैं जो इलेक्ट्रोंस Move करते हैं उसे free electron के नाम से जाना जाता है। Intrinsic semiconductor में number of holes and number of electrons बराबर होते हैं।
Extrinsic semiconductor (अर्धचालक)
Extrinsic type semiconductor को बनाने के लिए pure semiconductor में कुछ अशुद्धियों को मिलाकर बनाया जाता है pure semiconductor का मतलब silicon and germanium से होता हैं अशुद्धियों को doping के नाम से भी जाना जाता है सबसे पहले जान लेते हैं अशुद्धियां क्या होता है इसके लिए मैं आपको एक उदाहरण देना चाहता हूं जैसे किसी शुद्ध दूध में अगर थोड़ा सा पानी मिला दिया जाए तो दूध का कलर चेंज नहीं होगा लेकिन उसके अंदर की क्षमता में बदलाव आ जाएगा इसी तरह से extrinsic semiconductor में अशुद्धियां मिलाई जाती है extrinsic semiconductor मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं पहला n-type semiconductor तथा दूसरा p-type semiconductor के नाम से जाना जाता है।
P type semiconductor in Hindi (p- टाइप अर्धचालक)
जब एक pure semiconductor में एक त्रिसंयोजक अशुद्धता डाली जाती है तो semiconductor इस प्रकार बनता है जिसे P type semiconductor कहा जाता है। इसे accepter type semiconductor के रूप में भी जाना जाता है।
Note :- number of electron से number of hole की संख्या ज्यादा होता है
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N type semiconductor (n- टाइप अर्धचालक)
N type semiconductor यानी कि जब एक शुद्ध अर्धचालक में पेंटावेलेंट अशुद्धता डाली जाती है तो अर्धचालक इस प्रकार बनता है जिसे n प्रकार का अर्धचालक कहा जाता है। इसे डोनर टाइप सेमीकंडक्टर के नाम से भी जाना जाता है।
Note :- n type semiconductor में number of electrons ज्यादा होते हैं number of holes से।
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दोस्तों मैं आशा करता हूं की semiconductor का यह पोस्ट आपको पढ़ने के बाद जरूर आपको semiconductor क्या है तथा semiconductor type के बारे में जरूर समझ में आया होगा यदि आपको अर्धचालक यानी कि semiconductor से related किसी भी प्रकार का dout होगा तो आप हमसे कमेंट करके पूछ सकते हैं semiconductor के इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।



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