Ac and DC current difference in hindi , ac and DC current क्या होता है। Introduction इस पोस्ट में बात किया जाएगा कि AC and DC current में क्...
Ac and DC current difference in hindi , ac and DC current क्या होता है।
Introduction
इस पोस्ट में बात किया जाएगा कि AC and DC current में क्या अंतर है और AC and DC current का उपयोग कहां कहां पर किया जाता है और इसके साथ साथ इसका खोज किसने किया था और कब किया था
Ac and DC current Definition
सबसे पहले यह जानने की कोशिश करते हैं आखिर इन दोनों का पूरा नाम क्या होता है।
Ac full form - alternating current
DC full form - direct current
Ac current
यह एक प्रकार का ऐसा अल्टरनेटिंग करंट होता है जिसके अंदर फ्रीक्वेंसी पाई जाती है और इसी फ्रीक्वेंसी के कारण अल्टरनेटिंग करंट हमेशा एक वेवफॉर्म में चलती है। वेवफॉर्म का मतलब होता है की AC current कभी भी एक सीधी रेखा में नहीं चलती है। इसमें हमेशा दो तरह के वेवफॉर्म पाए जाते हैं एक postive waveform तथा दूसरा negative waveform बनाता है। जैसा कि आपको नीचे के फिगर में दिख रहा होगा कि अल्टरनेटिंग करंट किस तरह से पॉजिटिव से नेगेटिव की तरफ तथा नेगेटिव से पॉजिटिव की तरफ जाती है।
अगर बात किया जाए भारत में frequency की तो भारत में 50Hz का frequency पाया जाता है।
फ्रीक्वेंसी एक सेकंड में 50 बार पॉजिटिव से नेगेटिव तथा नेगेटिव से पॉजिटीव की तरफ जाती है। अगर इसे एक उदाहरण के द्वारा अच्छे से समझा जाए तो मान लीजिए आपके पास एक बल्ब है जब उस बल्ब में आप AC supply जोड़ेंगे तो बल्ब जो रहेगा वह एक सेकंड में 50 बार जलेगा तथा बुझेगा। अगर एक हिसाब से देखा जाए तो बल्ब आपका 50 बार AC current पॉजिटिव से नेगेटिव तथा नेगेटिव से पॉजिटिव की तरफ जा रहा है।
Dc current
DC current हमेशा एक सीधी रेखा में जाती है क्योंकि इसके अंदर फ्रीक्वेंसी नहीं पाया जाता है इसके अंदर भी दो तरह के सप्लाई होते हैं एक पॉजटिव और नेगेटिव हमेशा डीसी करंट पॉजिटिव से नेगेटिव की तरफ प्रवाहित होता है।
लेकिन अगर DC current को ac current से तुलना किया जाए तो डीसी करंट बहुत ही ज्यादा खतरनाक होता है एसी करंट की तुलना में क्योंकि यह एक सीधी लाइन में प्रवाहित होने वाला करंट है अर्थात अगर कभी किसी human body को अगर DC current लगता है तो वह बहुत ही ज्यादा घातक सिद्ध होगा अगर वहीं पर किसी को अगर AC current लगता है तो वह DC current के तुलना में बहुत ही कम घातक होता है ऐसा इसलिए क्योंकि एसी करंट एक सेकंड में 50 बार पाजटिव से नेगेटीव कि तरफ जाने कि वजह से क्योंकि जब करंट पॉजिटिव से नेगेटिव की तरफ जाएगा तो जिस व्यक्ति को करंट लगा रहेगा नेगेटिव की तरफ अल्टरनेटिंग करंट जाते हैं छोड़ देगा जिससे व्यक्ति को बचाया जा सकता है।
AC and DC current का खोज किसने किया था
वैसे तो विद्युत क्षेत्रों कि खोज के इतिहास के बारे में बात किया जाए तो यह बहोत बढा विषय है लेकिन आपके जानकारी के लिए बता दे डीसी करंट का खोज थॉमस एडिसन ने किया था और एसी करंट का खोज निकोला टेस्ला ने किया था।
Advantage of AC current in Hindi
. AC current का लोंग ट्रांसमिशन लाइन के लिए अधिकतर प्रयोग करना बहुत ही आसान और सस्ता होता है।
. यह डीसी करंट की तुलना में बहुत ही कम खतरनाक होता है।
. इसको आसानी से ऐसी से डीसी में बदला जा सकता है।
Disadvantage of AC current
. इसको स्टोर नहीं किया जा सकता है।
. इसमें फ्रीक्वेंसी होने के कारण इसके पावर फैक्टर हमेशा अलग-अलग उपकरणों का अलग-अलग पावर फैक्टर होता है।
. इसको उत्पन्न करने के लिए बड़े-बड़े मशीनों तथा पावर प्लांट का आवश्यकता पड़ता है।
Advantage of DC current
. DC current को आसानी से स्टोर किया जा सकता है
. अधिकतर घरों में लगे छोटे-छोटे उपकरण जैसे टीवी, कंप्यूटर, लैपटाप, मोबाइल, इत्यादि में इनपुट देते हैं ऐसी सप्लाई लेकिन जो उपकरण काम करते हैं डीसी सप्लाई पर काम करते हैं जैसे मोबाइल का चार्जर में दिया जाता है ऐसी सप्लाई लेकिन उसके एडाप्टर में डीसी सप्लाई बन करके मोबाइल चार्ज होता है।
. इसका पावर फैक्टर हमेशा यूनिटी पावर फैक्टर होता है जो कि सबसे अच्छा पावर फैक्टर माना जाता है।
Disadvantage of DC current
. इसका प्रयोग लॉन्ग ट्रांसमिशन के लिए नहीं किया जा सकता है।
. सेफ्टी के दृष्टि से या बहुत ही ज्यादा खतरनाक और खा तक होता है।
AC current and DC current के इस छोटे से पोस्ट को पढ़ने के बाद आपके बहुत सारे प्रश्नों का जवाब मिल गया होगा अगर आप इस पोस्ट से संबंधित किसी भी प्रकार का सलाह या सुझाव देना चाहते हैं तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।


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