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PLC क्या होता है। PLC किस तरह से काम करता है और इसमें कौन सा program पड़ता है।

PLC क्या होता है। PLC किस तरह से काम करता है और इसमें कौन सा program पड़ता है।   आ ज इस पोस्ट में बात किया जाएगा की PLC का पूरा नाम क्या है...

PLC क्या होता है। PLC किस तरह से काम करता है और इसमें कौन सा program पड़ता है।



  इस पोस्ट में बात किया जाएगा की PLC का पूरा नाम क्या है कहां पर यूज किया जाता है PLC work कैसे करता है PLC type  और इसके साथ साथ यह भी बताया जाएगा कि इसके फायदे और नुकसान के बारे में मैं आशा करूंगा कि PLC के इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपके सारे प्रश्नों के उत्तर मिल जाएंगे।

PLC क्या है

PLC circuit,


इस पोस्ट में आगे बढ़े उससे पहले PLC का पूरा नाम जान लेते हैं। PLC का पूरा नाम programmable logic controllers होता है। यह एक hardware device होता है जिसके अंदर प्रोग्राम की मदद से किसी भी उपकरण को ऑटोमेटिक चालू या बंद करने कि इसके अंदर क्षमता होती है। इसका प्रयोग औद्योगिक क्षेत्रों में automation circuit के लिए किया जाता है। अगर आप एक इलेक्ट्रिकल स्टूडेंट है या फिर  इलेक्ट्रिकल में काम करना चाहते हैं तो PLC के बारे में आपको जरूर पता होना चाहीए क्योकी इसके बिना औद्योगिक क्षेत्रों में विकास करना एक असंभव जैसा कार्य होगा। क्योंकि औद्योगिक क्षेत्रों में दो तरह के सर्किट होते हैं एक Rlc circuit तथा दुसरा PLC circuit अब आपके मन में एक प्रश्न आ रहा होगा की Rlc circuit क्या होता है और इसका PLC circuit से क्या संबंध है।

RLC circuit और PLC circuit में क्या अंतर होता है

Programmable logic controller

RLC circuit,


सबसे पहले जानते हैं RLC का पूरा नाम क्या होता है  RLC का पुरा नाम relay logic controller होता वैसे तो दोनों सर्किट यानी कि PLC and RLC दोनों का प्रयोग किसी  उपकरण को कंट्रोल करने के लिए ही किया जाता है लेकिन RLC सर्किट अगर देखा जाए तो यह एक प्रकार का मैनुअली ऑपरेटेड सर्किट होता है अगर आपको किसी पैनल या फिर किसी उपकरण के लिए वायरिंग करना है तो RLC सर्किट बहुत ही जटिल हो जाता है तो अब इसे थोड़ा उदाहरण के द्वारा समझते हैं मान लीजिए आप किसी कंपनी में किसी एक मशीन में लगे बहोत सारे मोटर को चालू बंद करना है और अगर इन सारे मोटरों का सर्किट RLC के द्वारा बनाया जाएगा तो हर मोटर को कंट्रोल करने के लिए अलग-अलग contactor, limit switch, relay bord, mpcb, etc लगाने पणेगे और सारे मोटर को चालु बन्द करने के लिए आपको स्वतः यानी कि manual करना पणेगा जिससे केबलो का झुंड बन जाएगा और अगर सर्किट में किसी भी तरह का फाल्ट हो जाएगा तो उसे ढूंढने में बहुत ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ेगा इसके विपरीत यदि आप PLC circuit का उपयोग करते हैं तो यह सिर्फ एक छोटा सा device रहेगा जिसके अंदर सारे मोटर को चालू बंद करने के लिए प्रोग्राम किये रहेंगे और सेंसर की मदद से सारे मोटरो को automatic चालू या फिर बन्द किया जा सकता है।
कुल मिलाकर अगर देखा जाए PLC circuit के बहोत सारे फायदे जैसे 
1. सर्किट छोटा होना और सर्किट कम होने के कारण स्थान का कम उपयोग होना।
2. यह किसी भी उपकरण को स्वतः ही चालू बंद करता है।
3. सर्किट में किसी भी प्रकार का फाल्ट आने पर जल्द ही उसका निवारण मिलना।


PLC working - कैसे काम करता है


PLC working को समझने से पहले PLC में क्या क्या होता है पहले उसके बारे मे समझते है 

Input module
Input module में फिल्ड से आ रहे इनपुट केबल को जोड़ते है  जैसे sensor, limit switch, RTD, इत्यादी 
अब आप सोच रहे होंगे आखिर इनपुट आता कैसे है तो देखिए जैसे सेंसर को पकड़ते हैं जैसे ही सेंसर के सामने कोई भी object आएगा तो सेंसर तुरंत सेंस करके एक आउटपुट सिगनल भेजेगा।

CPU का कार्य


CPU का कार्य PLC में इनपुट सिगनल को पहचानना और एक आउटपुट signal देना CPU  एक प्रकार से PLC का ब्रेन होता है CPU का कार्य मेमोरी के अंदर डाले गए प्रोग्राम को इनपुट सिगनल मिलने के बाद एक आउटपुट सिगनल भेजने का कार्य करता है। 
या फिर कह सकते हैं input signal को out our signal को जोड़ने का कार्य करता है।

Memory का क्या काम होता है


इसके अन्दर लगा मेमोरी का कार्य PLC के program को store करना होता है इसके अन्दर लगा हुआ Memory Ram, rom होता है 

Output module 


इसके साथ contactor, relay, mpcb, VFD drive, starter इत्यादी जुड़े होते है।

PLC working को एक उदाहरण के द्वारा समझाने कि कोशीस करता हुं। मान लिजिए आपके पास जो मोबाइल है वह PLC है और जो input है वह आप हो और जो output है वह मेबाइल के memory केअन्दर स्टोर apps है अब आप जो कामाण्ड दोगे वही APPS खुलेगा ठिक इसी प्रकार से electrical and electronics कि दुनिया में PLC एक प्रकार का computer जैसा कार्य करता है

PLC के अन्दर पड़ने वाले program का विवरण 

. Ladder diagram
. Structure text
. Function block diagram
. Sfc
. Instructions list
इन सब मेथड का उपयोग करके PLC के अंदर प्रोग्राम डाल सकते हैं लेकिन इन सब तरीको में से सबसे अच्छा और प्रचलीत program है वह ladder diagram का program सबसे सरल और समझने के लायक होता है आप भी PLC programming सीखना चाहते हैं आपके लिए सबसे अच्छा डिसीजन होगा क्योंकि जैसे जैसे औद्योगिक क्षेत्रों का विकास हो रहा है वैसे वैसे इन सब फिल्ड में लोगों की आवश्यकता बढ़ते जा रहा है।

PLC types


PLC types के बारे में बात किया जाए तो यह दो प्रकार का होता है।
. Compact PLC
. Modular PLC or rack PLC

Compact PLC 


यह PLC छोटे छोटे program के लिए उपयोग किया जाता यह एक प्रकार का फिक्स PLC होता है यानी की एक बार जो कंपनी से बनकर आ गया उसको हम दोबारा से उसमें कुछ मॉडिफिकेशन नहीं कर सकते हैं जैसे जितना इनपुट आउटपुट कंपनी से दिया हुआ है बस उतना ही रहने वाला है इसके साथ-साथ इसका मेमोरी कार्ड बहुत ही कम डाटा स्टोर करने के लिए बनाया जाता है जिसके कारण इसका उपयोग छोटे प्रोजेक्ट के लिए किया जाता है।

Modular PLC 


इस PLC को rack PLC के नाम से भी जाना जाता है इसका काम मॉड्यूलर के तरह ही होता है लेकिन इसके अंदर बहुत सारी खासियत पाई जाती हैं जैसे कि यह ज्यादा डाटा स्टोर करने के लिए बनाया जाता है इसको बहुत बड़े-बड़े प्रोजेक्ट में यूज किया जाता है यह बहुत फास्ट काम करता है और इसको Rack PLC इसलिए बोलते हैं क्योंकि इसमें इनपुट और आउटपुट माड्यूल जोड़ने की अलग से सुविधा होती है इसमें आप आवश्यकतानुसार इनपुट आउटपुट माड्यूल को जोड़ सकते हैं इसके साथ साथ इसके मेमोरी के क्षमता को भी बढ़ा सकते हैं जिसके कारण इसमें बहुत अधिक से अधिक डाटा को स्टोर किया जा सकता है।

Use of PLC - का उपयोग कहा करते है


इसका प्रयोग Automation के लिए प्रयोग किया जाता है इसके बिना औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कर पाना असंभव का कार्य है क्योंकि बहुत सारे ऐसे कार्य होते हैं जिसमें PLC के बिना सोचना असंभव है। जैसे automatic packing, conveyor, lift, etc को चालाया नही जा सकता है।


Advantage of PLC in Hindi


. इसके द्वारा सर्किट को छोटा और आसान बनाया जाता है।
. इससे ब्रेकडाउन को कम किया जा सकता है।
. इसके वजह से जगहों का कम उपयोग होने लगा है।
यानी कि जहां पर बहुत बड़े-बड़े पैनल लगते थे वहां पर अब बहुत छोटा छोटा पैनल से काम हो जाता है।
. इकोनामिक के दृष्टि से यह बहुत ही सस्ता होता है।
. इसको समझना बहुत ही आसान होता है और बहुत ही सरलता से इस पर काम किया जा सकता है।

Disadvantage of PLC in Hindi


. PLC में काम करने के लिए आपको इसका प्रोग्रामिंग सीखना पड़ेगा और इसको हर कोई आदमी नहीं कर सकता है।
. कई बार सर्किट में फाल्ट आने के बाद जल्दी पता नहीं चल पाता है।


PLC programming में career कैसा रहेगा 


अगर आप PLC प्रोग्रामर बनना चाहते हैं तो आप बिल्कुल सही सोच रहे हैं क्योंकि इस फील्ड में कंपटीशन बहुत कम है और पैसा बहुत ज्यादा है क्योंकि इन सब चीजों के बारे में कभी स्कूल और कॉलेजों में ढंग से नहीं बताया जाता है जिसके कारण लोगों को इसके प्रति जागरूक नहीं हो पाते अगर आपको इस फील्ड में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं तो इसका 3 से 4 माह तक का कोर्स होता है आप किसी भी इंस्टिट्यूट में ज्वाइन हो करके इसे आसानी से सीख सकते हैं लेकिन इसमें आपको कम से कम 1 साल से 2 साल तक कड़ी मेहनत करने के बाद आपको सफलता जरूर मिलेगा।



तो दोस्तों मैं आशा करता हूं PLC के इस छोटे से पोस्ट में 
बहुत कुछ सीखने के लिए मिला होगा अगर आपको इस पोस्ट से संबंधित किसी भी प्रकार का सलाह या फिर सुझाव देना चाहते हैं तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं या फिर बता सकते हैं।



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