Page Nav

HIDE

Home

Star connection and delta connection क्या है। और star delta connection मोटर मे कैसे use करते है।

Star connection and delta connection क्या है। और star delta connection मोटर मे कैसे use करते है। Introduction of post आज इस पोस्ट में बात कि...

Star connection and delta connection क्या है। और star delta connection मोटर मे कैसे use करते है।

Introduction of post


आज इस पोस्ट में बात किया जाएगा की Star connection and delta connection  क्या है और इसके साथ साथ यह भी बात किया जाएगा की Star delta connection में अंतर क्या है और इन दोनो connection का उपयोग कहां और क्यों किया जाता है।

Star connection and delta connection  क्या है

Delta connection in motor,


देखिए जब कभी भी three phase induction motor का वाइंडिंग किया जाता है तो मोटर की वाइंडिंग में से हमेशा 6 बाइंडिंग का वायर बाहर आता हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि थ्री फेज इंडक्शन मोटर में थ्री फेज की वाइंडिंग की जाती है और हर एक बाइंडिंग का दो सिरा बाहर आता है और इस हिसाब से मोटर का 6 सिरा बाहर आ जाता है। अब जो मोटर के 6 wire बाहर आते हैं उनका कनेक्शन star और delta में किया जाता है। लेकिन अब आपके मन में एक प्रश्न आ रहा होगा कि कौन सा मोटर का कनेक्शन star में करते हैं और कौन सा मोटर का कनेक्शन delta में करते हैं। 
Star delta connection का चुनाव हमेशा दो चीजों को ध्यान में रखते हुए किया जाता है पहला  मोटर टार्क को ध्यान में रखते हुए तथा दूसरा कनेक्शन का चुनाव मोटर की एफिशिएंसी को देखते हुए किया जाता है। अब पहले जान लेते है कि आखिर टार्क और एफिशिएंसी क्या होता है।

मोटर टार्क क्या होता है 


जब कभी भी मोटर को थ्री फेज सप्लाई दिय जाता है तो मोटर में मैग्नेटिक फील्ड उत्पन्न होने के कारण मोटर का रोटर पर एक बल लगता है और बल के कारण रोटर गोल गोल घूमने लगता है तो कुल मिलाजुला कर मोटर को घुमाने के लिए जो बल लगता है उसी को टार्क कहते हैं। 
अब आपके मन में एक प्रश्न आ रहा होगा की आखिर टार्क के हिसाब से star या delta connection में कौन सा connection का चुनाव कौन से मोटर के लिए करें। तो उसके लिए हमें कुछ चीजों को समझना पड़ेगा। जैसे की लाइन वोल्टेज और फेज वोल्टेज के बारे में।

Delta connection में line voltage and phase voltage क्या होता है।

Delta connection


देखिए टार्क का संबंध सीधे वोल्टेज से होता है क्योंकि जैसे-जैसे वोल्टेज बड़ता है वैसे वैसे टार्क भी बढ़ता है 
और डेल्टा कनेक्शन में लाइन वोल्टेज फेज बोल्टेज के बराबर होता है यानी की VL = VP , IL = √3×Ip, अब जैसे हमको पता चल गया कि डेल्टा कनेक्शन में लाइन वोल्टेज फेज वोल्टेज के बराबर होने के डेल्टा कनेक्शन में स्टार्टिंग टॉर्क बहुत ही ज्यादा होता है इसलिए अधिकांश या फिर कहें तो औद्योगिक क्षेत्रों में 3 फेज इंडक्शन मोटर का कनेक्शन हमेशा delta connection किया जाता है अभी आगे और समझेंगे की डेल्टा कनेक्शन औद्योगिक क्षेत्रों में अधिक क्यों किया जाता है लेकिन उससे पहले जान लेते हैं स्टार कनेक्शन के बारे में कुछ बातों को

Star connection में line voltage and phase voltage क्या होता है

Star connection,


स्टार कनेक्शन में लाइन वोल्टेज फेज वोल्टेज से √3 गुना ज्यादा होता है अब जैसा कि हमें पता चल गया की स्टार कनेक्शन में लाइन वोल्टेज ज्यादा होने के कारण इसका फेज वोल्टेज कम हो जाता है यानी कि फेज वोल्टेज √3 से divide हो जाता है जैसा कि मैंने ऊपर आपको बताया की टार्क हमेशा वोल्टेज बड़ने पे बड़ता है तथा घटने पर कम होता है तो इसलिए औद्योगिक क्षेत्रों में उपयोग होने वाले थ्री फेज इंडक्शन मोटर में स्टार कनेक्शन का उपयोग बहुत कम किया जाता है क्योंकि स्टार कनेक्शन है टार्क डेल्टा कनेक्शन के अपेक्षा बहुत कम होता है।

दूसरा सबसे वजह से होता है मोटर के कनेक्शन का चुनाव करने का एफिशिएंसी होता है सबसे पहले जानते हैं एफिशिएंसी क्या होता है

मोटर एफिशिएंसी क्या है


एफिशिएंसी क्या है उसको समझाने के लिए मैं आपको एक उदाहरण देना चाहता हूं मान लीजिए आप किसी दुकान पर मोटर खरीदने गए और वहां पर दो प्रकार की मोटर है एक मोटर का एफिशिएंसी 80% है। तथा दूसरे मोटर की एफिशिएंसी 70% है। अब आपके मन में एक प्रश्न आ रहा होगा आखिर कौन सा मोटर खरीदा जाए तो दोस्तों हमेशा आपको वही मोटर खरीदना है जिसका एफिशिएंसी बहुत ज्यादा हो क्योंकि एफिशिएंसी मोटर की ज्यादा होने से आपका पावर फैक्टर आपका मोटर का आयु यह सब बण जाएगा। आपके मन में एक प्रश्न आ रहा होगा आखिर एफिशिएंसी को निकाला कैसे जाए तो उसके लिए आपको एक फार्मूला हमेशा याद रखना पड़ेगा।

           Efficiency = output power\ input power

अगर आप सोच रहे होंगे मोटर की एफिशिएंसी और Star connection and delta connection से क्या संबंध है तो मैं आपको इसी पोस्ट के आगे बताता हूं लेकिन आपको यह जानना पड़ेगा आखिर output power और input power क्या चीज है।

इसके लिए मैं आपको फिर से एक उदाहरण देना चाहता हूं मान लीजिए आपके पास है 5 kw का मोटर है। और इस मोटर में दिया  गया वोल्टेज 415v है और इसका power factor 0.8 है। और जैसा कि हमें पता है जब भी हमें मोटर का करंट निकालना होता है तो हम √3 से इनपुट पावर में गुणा करते हैं।

5kw की मोटर का एफिशिएंसी निकालने के लिए सबसे पहले 
Motor efficiency




यह तो बात हो गया मोटर की एफिशिएंसी के बारे में देखिए जिस मोटर की एफिशिएंसी ज्यादा हो और उसे यदि कम लोड पर चलाया जाय यानी कि मान लीजिए आपके पास जो मोटर है उसका फुल लोड करंट 15 एंपियर है और उसे आप 6 एंपियर पर है चला रहे हैं तो इस हालात में मोटर की एफिशिएंसी कम हो जाएगी तो इस कंडीशन में आपको अपने मोटर को star में जोड़ना पड़ेगा याद रखना जब मोटर फुल लोड करंट पर चलाना हो तो ही delta connection का उपयोग करना चाहिए। 

Star delta connection का उपयोग


. 3 Phase motor में 
. 3 phase power transformer में



दोस्तों Star connection and delta connection के इस छोटे से पोस्ट को पढ़ने के बाद आपके बहुत सारे Star connection and delta connection से रिलेटेड प्रश्नों का उत्तर मिल गया होगा अगर आपको इस पोस्ट से संबंधित किसी भी प्रकार का सलाह या फिर सुझाव है तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं। Star connection and delta connection क्या है कि इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।


                



कोई टिप्पणी नहीं