What is resistance in Hindi , register types in Hindi, resistance - कहां पर उपयोग करते हैं। Resistance introduction दोस्तों आज इस पोस्ट में ...
What is resistance in Hindi , register types in Hindi, resistance - कहां पर उपयोग करते हैं।
Resistance introduction
दोस्तों आज इस पोस्ट में बात किया जाएगा resistance के बारे में।
. Resistance क्या है
. Resistance कैसे काम करता है
. Resistance कहां पर यूज किया जाता है
. Resistance types - के प्रकार
. Resistance का खोज कब हुआ
. Resistance के बारे में और कुछ जानकारी
. Resistance
Resistance क्या है
Resistance को दोस्तों हम लोग हिंदी में प्रतिरोध के नाम से जानते हैं आपको नाम से ही पता चल रहा होगा प्रतिरोध यानी कि विरोध करना अगर इसे एक लाइन में कहे तो जब कभी भी किसी भी विद्युत सप्लाई के रास्ते में जो रुकावट पैदा करता है उसे प्रतिरोध या फिर resistance कहते हैं। आइए resistance को एक उदाहरण के द्वारा समझते हैं ताकि हम सब को हमेशा के लिए याद हो जाए जब कभी भी आप बाइक पर बैठकर अपने घर से निकलते हैं और बाइक का स्पीड अगर तेज है तो बीच में अगर कोई डिवाइडर या फिर ब्रेकर आता है आपका बाइक का स्पीड स्लो करना पड़ेगा इसी तरह से विद्युत सप्लाई को रोकने के लिए या फिर कहे तो इलेक्ट्रिक सिटी दुनिया में करंट को रोकने के लिए या फिर उसके स्पीड को कम करने के लिए जो चीज लगाया जाता है उसे प्रतिरोध या फिर resistance के कहते हैं। Resistance को हमेशा ohms में नापते हैं।
Resistance कैसे काम करता है
विद्युत क्षेत्र की दुनिया में या फिर जब से विद्युत का जन्म हुआ है तब से दो पदार्थ का भी इस दुनिया में जन्म हुआ पहला कंडक्टर पदार्थ दूसरा इंसुलेटर।
Conductor
जिस चीज के अंदर विद्युत सप्लाई या फिर इलेक्ट्रॉन का प्रवाह बहुत ही आसानी से हो जाए उसे हम कंडक्टर कहते हैं कंडक्टर अलग-अलग साइज और उपयोग के हिसाब से अलग-अलग प्रकार के होते हैं जिस कंडक्टर में जितना कम प्रतिरोध यानी कि resistance वाह कंडक्टर उतना ही आसानी से इलेक्ट्रॉन उसका प्रवाह कर सकता है अगर सबसे शुद्ध कंडक्टर की बात किया जाए तो वह चांदी का कंडक्टर होता है क्योंकि इसमें resistance की मात्रा बहुत ही कम होता है लेकिन चांदी महंगा होने के कारण हमेशा कॉपर वायर का उपयोग किया जाता है। कंडक्टर का resistance अलग-अलग कंडीशन पर resistance निर्भर रहता है।
Insulator
इंसुलेटर एक ऐसा पदार्थ होता है जिसके अंदर करंट को नहीं गुजारा जा सकता है या फिर कहे तो इंसुलेटर के अंदर resistance की मात्रा इतना ज्यादा होता है करंट का गुजर पाना नामुमकिन हो जाता है इंसुलेटर अलग-अलग पदार्थ का बनाया जाता है अगर इसे हम एक अलग भाषा में समझे तो इंसुलेटर को भी हम एक resistance बोल सकते हैं।
Resistance का आवश्यकतानुसार अलग-अलग ohms का resistance का चुनाव करते हैं।
Resistance का उपयोग
Resistance का उपयोग बहुत सारे कार्यों में किया जाता है जैसे इलेक्ट्रिक करंट, वोल्टेज विभाजन, कंट्रोल गेन इत्यादि में किया जाता है।
Resistance types - के प्रकार
अगर दोस्तों देखा जाए तो register मुख्यतः दो प्रकार का होता है पहला linear register दूसरा non-linear register,
Linear resistance
इस resistance हिंदी में रेखीय resistance के नाम से जानते हैं इसका मान आपूर्ति सप्लाई या फिर रजिस्टेंस रेखीय क्रम में घटता और पढ़ता रहता है linear resistance मुख्यतः दो प्रकार का होता है।
. Fixed register
. Variable register
. Fixed resistance
Fixed resistance का मान हमेशा नीयत रहता है यह भी निम्नलिखित प्रकार का होता है जैसे carbon composition resistor, wire wound resistor, thick film resistor, metal oxide resistor, इत्यादि
और भी बहुत से प्रकार के fixed resistance होता है जिसका वर्णन इस पोस्ट में नहीं किया गया है।
. Variable resistance
Variable resistance का मान आवश्यकता अनुसार घटता, बढ़ता रहता है Rheostat, potentiometer, trimmer, trimpot, trimpot metal preset,
(2) non linear register
इस resistance अरेखीय प्रतिरोध के नाम से जाना जाता है। यह प्रतिरोध आपूर्ति सप्लाई के साथ-साथ तापमान वोल्टेज प्रकाश में असमानता होती है nonlinear resistance को मुख्यता चार प्रकार में विभाजित किया गया है। जैसे thermistor, LDR photo register, veristor register, smd,
Terminator resistance
Thermistors register तापमान पर डिपेंड करता है इसका तापमान बढ़ने और घटने पर इसके रजिस्टेंस में बहुत ही ज्यादा बदलाव आता है thermistor resistance का प्रयोग हमेशा तापमान मापने के लिए भी किया जाता है।
LDR photo register
LDR का पूरा नाम light depending register होता है जैसा कि आपको नाम से ही पता चल रहा होगा यह रजिस्टर प्रकाश के ऊपर डिपेंड रहता है यह register का प्रयोग स्ट्रीट लाइट इत्यादि में किया जाता है।
Veristor register
Veristor register का मान हमेशा करंट पर निर्धारित रहता है यानी कि जब करंट बहुत ही ज्यादा उच्च मान पर रहेगा तो resistance बहुत ही कम हो जाएगा और जैसे ही करंट का मान कम होगा वैसे ही resistance का मान बहुत ही ज्यादा बढ़ जाएगा।
Smd register
Smd register full form surface mount device होता है इसका प्रयोग हमेशा pcb board पर ही किया जाता है यानी कि दोस्तों जब कभी भी इलेक्ट्रॉनिक सर्किट को पीसीबी बोर्ड पर बनाया जाता है तो ही इस रजिस्टर का उपयोग किया जाता है।
Resistance का खोज कब हुआ था
Register का खोज सन 1959 में Otis Boykin के द्वारा किया गया था।
Resistance के बारे में कुछ और जानकारी
जैसा कि हम लोगों ने ऊपर की पोस्ट में जान लिया था की resistance की इकाई ohm होता है। रजिस्टेंस को चेक करने के लिए हमेशा हमें मल्टीमीटर का उपयोग करना चाहिए रजिस्टेंस को जब कभी भी हम चेक करते हैं तो मल्टीमीटर के दोनों सिरे को रजिस्टेंस के दोनों साइड में टच करके चेक कर लेते हैं। इसके साथ साथ कभी भी किसी भी प्रकार का उपकरण को लगाने से पहले उपकरण का resistance जरूर चेक कर लेना चाहिए।
दोस्तों मैं आशा करता हूं resistance का यह छोटा सा पोस्ट आपके लिए बहुत ही ज्यादा मददगार साबित हुआ होगा resistance के इस टॉपिक पर अगर आप कुछ और है बताना चाहते हैं तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं और कुछ भी पूछ सकते हैं वैसे तो रजिस्टेंस एक बहुत ही बड़ा विषय है लेकिन resistance के इस विषय को छोटा करके कम शब्दों में समझाने की कोशिश किया हूं resistance के इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।





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