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What is conductor and insulator in Hindi , conductor and insulator में difference ,

What is conductor and insulator in Hindi , conductor and insulator में difference , Introduction conductor and insulator का आज इस पोस्ट में ...

What is conductor and insulator in Hindi , conductor and insulator में difference ,

Introduction conductor and insulator का


आज इस पोस्ट में बात किया जाएगा conductor और Insulator के बारे में।

. Conductor and insulator क्या है
. Conductor types
. Conductor and insulator difference
. Conductor and insulator use in Hindi

पोस्ट में आगे बढ़े उससे पहले कुछ conductor and insulator के बारे में जान लेते है।
Conductor और insulator यह दोनों एक दूसरे की दुश्मन होते हैं यानी कि conductor का जस्ट उल्टा insulator होता है ऐसा इसलिए क्योंकि conductor के द्वारा विद्युत सप्लाई को लेकर जाया जाता है और insulator के द्वारा उसे विद्युत सप्लाई को रोक दिया जाता है यानी कि जिस माध्यम से विद्युत सप्लाई जाता है उसे conductor कहते हैं और जिस माध्यम से विद्युत सप्लाई को रोका जाता है उसे insulator कहते हैं।
सबसे पहले जानते हैं कंडक्टर के बारे में।

Conductor क्या है।

Conductor and insulator क्या है . Conductor types . Conductor and insulator difference . Conductor and insulator use in Hindi


जैसा कि हम लोग पहले ही जान चुके हैं conductor वे पदार्थ होते हैं जिनके द्वारा हम बिजली को गुजारते हैं अगर देखा जाए कंडक्टर के बारे में तो कंडक्टर विद्युत क्षेत्र में एक बहुत ही बड़ा अहम रोल निभाता है अगर conductor ना होता तो शायद आज हम अपने घरों में विद्युत का उपयोग कर पाना असंभव था। क्योंकि वह आसानी से इलेक्ट्रॉन को परमाणु में प्रवाहित होने देता है। 
  इसके अतरिक्त conductor के बहोत सारे अवयव और होते है जिसके द्वारा विदुत्य सप्लाई आसानी से गुजर जाता है। जैसे मेटल,मनुष्य, पानी, हरे पेड़ पौधे, धरती इत्यादि यह सभी विद्युत सप्लाई के लिए एक प्रकार से कंडक्टर का ही कार्य करते हैं। इन्हीं कारणों से अगर इन सब में कहीं से भी अगर विद्युत सप्लाई के संपर्क में यह सब चीज आते हैं तो हमको विद्युत के झटकों का एहसास होता है इसके साथ साथ हमारा शरीर एक बहुत ही अच्छा चालक होता है जो बिजली के झटके को आसानी से अपने अंदर से गुजार लेता है क्योंकि हमारे शरीर का प्रतिरोधक क्षमता बहुत ही कम होता है और विद्युत सप्लाई हमेशा उसी रास्ते को चुनता है जिसमें प्रतिरोधक क्षमता बहुत ही कम हो या फिर ना हो अगर देखा जाए तो सूखी लकड़ी प्लास्टिक के वस्तु पर बिजली के झटके का एहसास नहीं होता है क्योंकि यह सब एक insulator की तरह होते हैं

Conductor types


Conductor को बनाने के लिए बहुत सारे मटेरियल का उपयोग किया जाता है जैसे चांदी, तांबा, पीतल, स्टील, सोना, एलुमिनियम, इत्यादि इन सब से मिला करके विद्युत सप्लाई को प्रवाह कराने के लिए एक अच्छा कंडक्टर बनाया जाता है।

Silver (चांदी)


अगर बात किया जाए सबसे अच्छा कंडक्टर के बारे में तो silver का conductor सबसे अच्छा कंडक्टर माना जाता है। 

Copper wire


सिल्वर के बाद अगर कोई और दूसरा कंडक्टर आता है तो वह होता है कापर का conductor कॉपर वायर अगर देखा जाए तो सबसे ज्यादा उपयोगी होने वाला कंडक्टर होता है क्योंकि सिल्वर का उपयोग है बहुत ही कम जगह पर करते हैं लेकिन कापर वायर का उपयोग इसलिए ज्यादा करते हैं क्योंकि यह सस्ता भी होता है और इसके साथ साथ अगर कहीं पर भी शॉर्ट सर्किट होने की संभावना अधिक है तो वहां पर ही कॉपर वायर का उपयोग किया जाता है कॉपर वायर के मेल्टिंग पॉइंट की बात किया जाए तो इसका लगभग 1085 अंश सेंटीग्रेड तक मेल्टिंग प्वाइंट होता है बात करें मेल्टिंग प्वाइंट क्या होता है मेल्टिंग प्वाइंट वह चीज होता है जब कभी भी वायर में शॉर्ट सर्किट होता है तो आप वहां पर देखे होंगे हिट पैदा होता है  हीट वायर  को जला देता है।

Aluminium wire


Aluminium wire का उपयोग भी बहुत ही ज्यादा किया जाता है क्योंकि aluminium wire बहुत ही सस्ता वायर होता है ईस का प्रयोग अधिकतर ट्रांसमिशन लाइन डिस्ट्रीब्यूशन लाइन  में किया जाता है आप अक्सर अपने घर गांव शहर या फिर औद्योगिक क्षेत्रों में देखे होंगे कि जो भी ट्रांसमिशन लाइन का वायर होता है वह ज्यादातर एलमुनियम का वायर होता है इसके पीछे बहुत सारे वजह है जैसे कि सबसे पहले एलमुनियम वायर सस्ता होता है दूसरा इसका कॉपर वायर के अपेक्षा  यह वजन में हल्का होता है इसके साथ ही साथ इसका और बहुत सारे कारण होते हैं।

Insulator


Insulator एक ऐसा पदार्थ होता है जिसके द्वारा विद्युत सप्लाई को प्रवाहित नहीं किया जा सकता है जैसा कि हम पहले ही जान चुके हैं की insulator एक प्रकार से conductor का जस्ट उल्टा होता है insulator वे पदार्थ होते हैं जो करंट को प्रवाहित होने में बाधा उत्पन्न करते हैं या फिर एक प्रकार के रजिस्टेंस की तरह काम करते हैं सामान्यता इंसुलेटर को हमेशा प्रकृति में ठोस के रूप में पाया जाता है जैसे सूखा लकड़ी, कपड़ा, कांच, अभ्रक, इत्यादि इन सब में एक insulator का गुड़ पाया जाता है इसके अलावा इंसुलेटर में किसी भी प्रकार का कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं होता है इन्हीं सब कारणों की वजह से insulator से विद्युत सप्लाई नहीं प्रवाहित हो पाता है।
       अगर बात किया जाए सबसे अच्छा इंसुलेटर कौन सा होता है तो वह ग्लास होता है क्योंकि ग्लास में बहुत ही ज्यादा अधिकतम प्रतिरोध पाया जाता है जिसकी वजह से इसमें से विद्युत सप्लाई प्रवाह नामुमकिन होता है अगर और बात किया जाए सबसे अच्छा इंसुलेटर की तो वह प्लास्टिक होता है प्लास्टिक में भी रजिस्टीवीटी बहुत ही ज्यादा होता है जिसकी वजह से इस से भी विद्युत सप्लाई प्रवाह नहीं हो पाता है।
       इसके साथ साथ रबड़ भी एक अच्छा insulator होता है अधिकतर औद्योगिक क्षेत्रों में इसका प्रयोग किया जाता है इसका प्रयोग मुख्यतः  इलेक्ट्रिक पैनल में होते हैं जब भी इलेक्ट्रीकल पैनल में काम करना हो तो हमेशा रबरमेड के ऊपर ही खड़ा होकर किया जाता है क्योंकि यह सेफ्टी के लिहाज से बहुत ही ज्यादा सेफ होता है।
       और इसी कड़ी में ही थर्मल इंसुलेटर भी आता है जोकि गर्मी को एक जगह से दूसरी जगह जाने में विरोध करता है जैसे कि शेरा ब्लैंकेट  यह सब औद्योगिक क्षेत्रों में अधिक प्रयोग किया जाता है जहां पर भट्टी,कास्टिंग इत्यादि चलते रहते हैं वहां पर conductor को सुरक्षित करने के लिए थर्मल इंसुलेटर का प्रयोग किया जाता है।

अब थोड़ा conductor and insulator के उपयोग के बारे में जानते हैं।


कंडक्टर के द्वारा इलैक्ट्रांस को एक जगह से दूसरे ज्यादा गतिमान किया जा सकता है जबकि इंसुलेटर के द्वारा किसी प्रकार का इलेक्ट्रॉन्स को एक जगह से दूसरी जगह नहीं भेज सकते हैं।


इलेक्ट्रिकल पिक्चर से जुड़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद conductor and insulator के इस पोस्ट पर किसी भी प्रकार का सलाह या सुझाव देना चाहते हैं तो आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं अगर आपको conductor and insulator के इस पोस्ट से कोई भी प्रश्न है तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं।

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