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Thermocouple क्या है। और thermocouple working principle in Hindi and types ,

Thermocouple क्या है। और thermocouple working principle in Hindi and types , Introduction of thermocouple  इस पोस्ट में बात किया जाएगा आज th...


Thermocouple क्या है। और thermocouple working principle in Hindi and types ,


Introduction of thermocouple


 इस पोस्ट में बात किया जाएगा आज thermocouple के बारे में की
. Thermocouple क्या है
. Thermocouple working principle in Hindi
. Thermocouple types
. Thermocouple use
. Thermocouple and RTD में difference
. Thermocouple को check कैसे करते हैं

Thermocouple क्या है


अक्सर बहुत सारे लोगों के अंदर यह doubt बना रहता है कि thermocouple एक प्रकार का measurement  device होता है लेकिन thermocouple एक प्रकार का sensing device होता है अर्थात thermocouple एक प्रकार का sensor होता है जो तापमान को sense करके एक output signal के रूप में मिली वोल्टेज देता है thermocouple के बारे में जानने से पहले यह समझते हैं कि sensor क्या होता है।

Sensor 


Sensor एक प्रकार का ऐसा device होता है जो physical quantity जैसे ताप, दाब, ठोस, द्रव, गैस, इत्यादि को measurement करके एक signal के रूप में बदलता है जो एक  instrument उस सिग्नल को आसानी से पढ़ सके ।

Thermocouple working principle in Hindi


Thermocouple का सिद्धांत seebeck effect पर आधारित रहता है seebeck effect के अनुसार जब कभी भी दो अलग-अलग material से बने कंडक्टर को इस प्रकार से जोड़ा जाए कि कंडक्टर में दो जंक्शन बने और एक जंक्शन को यदि तापमान में रखा जाए और दूसरे जंक्शन को ठंडे में रखा जाए तो seebeck effect कहता है कि कंडक्टर के दोनों जंक्शन के बीच में एक मिली वोल्टेज उत्पन्न होगा यह वोल्टेज वोल्ट मीटर के द्वारा नापते हैं एक उदाहरण के द्वारा समझने की कोशिश करते हैं की thermocouple किस तरह काम करता है।
Thermocouple क्या है . Thermocouple working principle in Hindi . Thermocouple types . Thermocouple use . Thermocouple and RTD में difference . Thermocouple को check कैसे करते हैं



जैसा कि आपको ऊपर के figure में दिख रहा होगा की दो अलग-अलग प्रकार के धातु के कंडक्टर के एक जंक्शन को hot zone मे रखे है तथा दुसरे को cold zone मे रखा गया है अब जैसे ही hot zone मे रखा हुआ thermocouple की तरफ temperature बढ़ेगा तो कंडक्टर के अंदर एक e.m.f generate होगा और उत्पन्न वोल्टेज को PID controller में दे दिया जाएगा और PID controler का output उस उपकरण के साथ जोड़ा जाएगा जिसका काम टेंपरेचर को उत्पन्न करना या फिर बंद करना होता है अब इसे थोड़ा आसान भाषा में समझते हैं मान लीजिए आपके पास कोई एक पानी का टंकी है और उस पानी के टंकी में भरा पानी को आपको ऑटो में गर्म करना है यानी कि आपको मान लीजिए 700 डिग्री टेंपरेचर तक आपको अपने पानी को गर्म करना है तो इसके लिए आप सबसे पहले पानी के टंकी में एक thermocouple लगाना होगा और उसके बाद thermocouple का आउटपुट PID controller. में देना होगा और PID controller का काम ही रहेगा की जैसे ही टेंपरेचर 700 डिग्री के ऊपर जाएगा तो एक आउटपुट सिग्नल उस हीटर के सर्किट में देगा जिससे पानी को गर्म किया जाता है PID controller का काम बस यही होता है कि thermocouple का लिया गया आउटपुट सिगनल को अपने तरफ लेना और आवश्यकता अनुसार आउटपुट देना।


Thermocouple types 


वैसे तो thermocouple types की बात किया जाए तो यह बहुत से प्रकार के होते हैं लेकिन मैं इस पोस्ट में आपको कुछ मेन thermocouple के बारे में बताएंगे जैसे

J - type thermocouple


यह thermocouple का उपयोग 0°c to 750°c तक उपयोग किया जाता है इस wire का postive colour (+) white होता है तथा negative colour (_) Red होता है इसमें Use material iron and constantan को मिलाकर बनाया जाता है।

K - type thermocouple


इस thermocouple का उपयोग औद्योगिक क्षेत्र में बहुत ही ज्यादा किया जाता है इस thermocouple का temperature -200°c to 1250°c तक उपयोग किया जाता है। इसका positive wire colour yellow and negative Wire colour Red होता है इसमें use होने वाला material Chromel - nominal होता है।


E - type thermocouple


इस thermocouple का temperature -200°c to 900°c तक उपयोग करते हैं इसका wire colour + purple and _ Red colour का उपयोग किया जाता है।
Used material Chromel - nominal होता है।

T - type thermocouple


T - type thermocouple  का use -200°c to 350°c तक उपयोग करते हैं इसका wire colour + blue and _ Red colour का उपयोग किया जाता है।
-Used material copper - constantan होता है।


Thermocouple use - का उपयोग


Thermocouple का उपयोग हमेशा  temperature को sense करने के लिए use किया जाता है। जैसे furnes, hot water, furnes oil, इत्यादी में किया जाता है।

Thermocouple and RTD में difference


RTD का पूरा नाम resistance temperature detector होता है। 
जिस तरह से thermocouple का प्रयोग temperature  को sense करने के लिए किया जाता है ठीक उसी प्रकार से RTD को भी temperature को sense करने के लिए उपयोग किया जाता है लेकिन इन दोनों में कुछ अपनी अलग ही विशेषताएं होती है। RTD thermocouple के अपेक्षा सस्ता होता है RTD में 3 से 4 टर्मिनल होते हैं जबकि thermocouple मे सिर्फ 2 terminal होते हैं।
Thermocouple का आउटपुट सिगनल वोल्टेज के रूप में मिलता है जबकि RTD का आउटपुट सिगनल रजिस्टेंस के रूप में मिलता है। Thermocouple महंगा होने के कारण इसका उपयोग बहुत अधिक तापमान को चेक करने के लिए उपयोग करते हैं जबकि RTD का उपयोग कम तापमान के लिए करते हैं। Thermocouple दो अलग अलग धातु से मिलाकर बनाया जाता है। RTD को शुद्ध material से बनाया जाता है जैसे प्लैटिनम, कॉपर, निकल,
RTD का प्रयोग औद्योगिक क्षेत्रों में अधिकतर वहां पर किया जाता है जहां पर 600°c से कम तापमान के जांच करना हो। और thermocouple का उपयोग औद्योगिक क्षेत्रों में अधिकतर वहां पर किया जाता है जहां पर तापमान 600°c से ज्यादा हो।

Thermocouple को कैसे चेक करते हैं।


Thermocouple को चेक करने के लिए बोल्ट मीटर मल्टीमीटर pid कंट्रोलर इत्यादि से चेक कर सकते हैं जैसा कि हम लोग को पहले से पता हो चुका है  thermocouple का आउटपुट सिग्नल के रूप में एक मिली वोल्टेज प्राप्त होता है तो सबसे पहले जिस भी  thermocouple  को चेक करना है उसके रेंज के हिसाब से मल्टीमीटर वोल्ट मीटर का चुनाव करते हैं।


मैं आशा करता हूं आपसे की thermocouple कि इस छोटे से पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको thermocouple के बहुत सारे प्रश्नों का उत्तर आपको मिल गया होगा अगर आप इस पोस्ट के लिए किसी भी प्रकार का सलाह या सुझाव देना चाहते हैं तो आप हमें कमेंट करके जरूर करें। इसके साथ साथ thermocouple के इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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